

कोलकाता : बंगाल एसटीएफ ने भारतीय सिम कार्ड के ओटीपी पाकिस्तान भेजने के आरोप में मुर्शिदाबाद जिले के बहरमपुर से एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन ओटीपी के जरिए पाकिस्तान में बैठकर भारतीय सिम कार्ड सक्रिय किए जा रहे थे और उनका इस्तेमाल जासूसी गतिविधियों में हो रहा था। अभियुक्त की पहचान सुमन शेख के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बहरमपुर के गाधिया गांव का निवासी है, लेकिन काम के सिलसिले में पुणे में रहता था। आरोप है कि सिम कार्ड पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई तक पहुंच रहे थे।
ऐसे काम करता था नेटवर्क
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में एसटीएफ को डिजिटल माध्यम से सिम कार्ड पाकिस्तान भेजे जाने की सूचना मिली थी। जांच के दौरान पता चला कि बहरमपुर से सिम कार्ड के ओटीपी पाकिस्तान भेजे जा रहे हैं। इसी सिलसिले में पिछले सप्ताह शेख जुहाब नामक एक सिम कार्ड कारोबारी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में जुहाब ने स्वीकार किया कि उसके प्री-एक्टिवेटेड अवैध सिम कार्ड का बड़ा ग्राहक सुमन शेख था। वह फर्जी तरीके से अलग-अलग लोगों के आधार कार्ड की कॉपी जुटाकर सिम कार्ड हासिल करता और उनके नंबर सुमन को भेजता था। बदले में सुमन उसे ऑनलाइन भुगतान करता था। जांच में सामने आया है कि सुमन महाराष्ट्र में काम करने के दौरान एक व्यक्ति के संपर्क में आया, जिसने उसे बताया कि पाकिस्तान में बड़ी संख्या में भारतीय सिम कार्ड की जरूरत है। सिम कार्ड सीधे कराची या इस्लामाबाद भेजने की आवश्यकता नहीं थी, बल्कि केवल उनके नंबर और ओटीपी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के एक विशेष नंबर पर भेजने होते थे। इसके बदले सुमन को मोटी रकम मिलती थी।
क्रिप्टोकरेंसी से होता था भुगतान
एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, सुमन को भुगतान पाकिस्तान से क्रिप्टोकरेंसी के जरिए किया जाता था। वह क्रिप्टो को नकदी में बदलकर फिर से अवैध सिम खरीदने में लगाता था। जुहाब ने कभी यह जानने की कोशिश नहीं की कि इतनी बड़ी संख्या में सिम कार्ड की जरूरत क्यों पड़ रही है। वह व्हाट्सऐप के जरिए नंबर और ओटीपी भेज देता था, जिसे सुमन अपने पाकिस्तानी हैंडलर तक पहुंचा देता था। शनिवार रात बहरमपुर के निकट एक स्थान से सुमन को गिरफ्तार किया गया। रविवार को उसे बिधाननगर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।