

कोलकाता : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भाजपा की वरिष्ठ नेत्री एवं पूर्व सांसद लॉकेट चटर्जी ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने राजनीति से ऊपर उठकर देश और विशेष रूप से पश्चिम बंगाल की सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं, लेकिन साथ ही कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में यह दिन केवल उत्सव का नहीं बल्कि आत्ममंथन का दिन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अपनी दक्षता और क्षमता के साथ आगे बढ़ रही हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उनके अनुसार पिछले 15 वर्षों में महिलाओं के साथ अत्याचार, अपमान और उत्पीड़न की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जो समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। लॉकेट चटर्जी ने कहा कि जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है वहीं वास्तविक प्रगति और कल्याण संभव है, लेकिन राज्य में कई घटनाओं ने इस सम्मान को बार-बार चुनौती दी है। उन्होंने पार्क स्ट्रीट कांड, कामदुनी तथा आरजी कर अस्पताल से जुड़ी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कई मामलों में न्याय प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठे हैं और कई पीड़ित परिवार अब भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण वास्तविक अपराधों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों में कम दिखाई देती है। साथ ही उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों और चाय बागान इलाकों में मानव और महिला तस्करी की घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हालिया पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान हुए व्यवहार को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है। अंत में उन्होंने कहा कि बंगाल में परिवर्तन की मांग तेजी से बढ़ रही है और आने वाले समय में महिलाएं अपने सम्मान और सुरक्षा के लिए निर्णायक भूमिका निभाएंगी।