

कोलकाता : महानगर में एक बार फिर ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ के रायपुर से गर्मी की छुट्टियां मनाने कोलकाता आई एक महिला को जालसाजों ने खुद को मुंबई पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर करीब 7 लाख रुपये की ठगी कर ली। घटना को लेकर पीड़िता ने फूलबागान थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
क्या है पूरा मामला
रायपुर की रहनेवाली पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह 5 मई को कोलकाता आई थी। विगत 10 जून की शाम करीब 5:39 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई पुलिस मुख्यालय का अधिकारी बताते हुए उनके आधार कार्ड का उपयोग कर अवैध सिम कार्ड जारी होने का आरोप लगाया। इस सिम का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में होने की बात भी कही। जालसाजों ने उनके केनरा बैंक के खाता में लगभग 2 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन की भी बात कही। महिला को लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा गया और फोन काटने से रोक दिया गया। ठगों ने उनसे कहा कि उनका फोन सर्विलांस पर है और जल्द ही सीबीआई उनसे संपर्क करेगी। इसके तुरंत बाद दूसरे नंबर से वीडियो कॉल कर उसे 24 से 48 घंटे तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा गया। मानसिक दबाव में आकर पीड़िता नार्केलडांगा स्थित एक्सिस बैंक शाखा पहुंची और अपनी 7 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट समय से पहले तोड़कर ठगों द्वारा बताए खाते में ट्रांसफर कर दी। पैसे ट्रांसफर होने के बाद जब महिला को ठगी का एहसास हुआ, तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।