

कोलकाता : चुनाव आयोग के सामने एक वोटर को बांग्लादेशी साबित करने की कोशिश की गई लेकिन महिला भाजपा नेता फॉर्म 7 भरकर यह साबित करने के लिए कोई सबूत या दस्तावेज पेश नहीं कर सकी कि वोटर बांग्लादेशी है। असल में, वह आयोग की सुनवाई से पूरी तरह बचती रही। ईआरओ की शिकायत के आधार पर पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को पर्णश्री थाने की पुलिस ने साथी मुखोपाध्याय नाम की महिला को गिरफ्तार किया। महिला ने पुलिस को अपना परिचय भाजपा नेता के रूप में दिया। हालांकि पुलिस इस जानकारी की पुष्टि कर रही है। गुरुवार को अभियुक्त को अदालत में पेश करने पर उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया।
क्या है पूरा मामला
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पर्णश्री थाना क्षेत्र के गोपाल मिश्रा रोड की रहने वाली साथी मुखोपाध्याय ने 14 जनवरी को चुनाव आयोग में फॉर्म 7 जमा किया था। वहां उसने इलाके के एक निवासी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। महिला ने आरोप लगाया कि वह निवासी वास्तव में बांग्लादेशी है। बांग्लादेश से आने के बाद उसने अवैध रूप से वोटर कार्ड बनवाया और पर्णश्री में रहने लगी। वह नौकरी भी कर रही है। भाजपा नेता ने फॉर्म में उस व्यक्ति का वोटर कार्ड नंबर भी लिखा है। इस फॉर्म सेवन के आधार पर चुनाव आयोग ने साथी मुखोपाध्याय नाम की महिला को सुनवाई के लिए नोटिस भेजी। बीएलओ ने उन्हें इस आपत्ति के समर्थन में आवश्यक तथ्य, सबूत और दस्तावेजों के साथ 25 जनवरी को सुनवाई के लिए आने का आदेश दिया। लेकिन वह उस दिन नहीं आईं। इसके बाद चुनाव आयोग ने उन्हें 27 जनवरी को दोपहर में फिर से सुनवाई के लिए आने का आदेश दिया। महिला दूसरे दिन भी नहीं आईं। इसके बाद बेहला पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ ने पर्णश्री पुलिस स्टेशन में शिकायत की कि महिला को लगातार दो बार नोटिस भेजने के बावजूद वह अनुपस्थित हैं। इससे पता चलता है कि शिकायत करने वाली महिला के पास कोई जानकारी या दस्तावेज नहीं थे। लेकिन उसने जानबूझकर और गलत इरादे से एक वैध मतदाता के खिलाफ झूठी शिकायत की। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की।