

कोलकाता : फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से दूसरे लोगों की पहचान का दुरुपयोग कर म्युचुअल फंड की राशि हड़पने वाले एक संगठित गिरोह की एक महिला सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह मामला कोलकाता के पार्क स्ट्रीट थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम संयुक्ता कर्मकार बताया गया है। पुलिस ने उसे दक्षिण कोलकाता के हरिदेवपुर इलाके से पकड़ा। गुरुवार को अभियुक्त को बैंकशाल अदालत में पेश किया गया, जहां मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने उसे पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
सरकारी वकील अरूप चक्रवर्ती ने अदालत को बताया कि यह घटना वर्ष 2022 की है। आरोप है कि संयुक्ता कर्मकार और उसके अन्य साथियों ने योजनाबद्ध तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार किए और विभिन्न लोगों के नाम व पहचान का गलत इस्तेमाल कर म्युचुअल फंड में जमा रकम को अपने खातों में ट्रांसफर कर लिया। इस धोखाधड़ी के जरिए कुल लगभग 11 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई थी।
सरकारी वकील ने आगे बताया कि इस मामले में पुलिस पहले ही दो अन्य आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है और उनसे पूछताछ के दौरान संयुक्ता कर्मकार की संलिप्तता सामने आई। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे ठोस सबूत मिले हैं, जिनसे यह स्पष्ट होता है कि अभियुक्त के बैंक खाते में इस ठगी की रकम में से 53 हजार रुपये जमा किए गए थे। पुलिस का मानना है कि यह रकम ठगी से प्राप्त धन का ही हिस्सा है।
पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए अभियुक्त से और पूछताछ जरूरी है। साथ ही, यह जानना भी आवश्यक है कि फर्जी दस्तावेज कैसे तैयार किए गए और किन-किन म्युचुअल फंड खातों को निशाना बनाया गया।
मामले की जांच को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने अभियुक्त की हिरासत की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने संयुक्ता कर्मकार को 27 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आगे की जांच में इस घोटाले से जुड़े और भी अहम खुलासे होने की संभावना है।