क्या फिरहाद पर गिरेगी गाज? चर्चा तेज

गिरफ्तारी की मांग पर गरमाई राजनीति
फिरहाद हकीम
फिरहाद हकीम
Published on

कोलकाता : तारातला में निर्माणाधीन गोदाम हादसे के बाद पूर्व मेयर एवं पूर्व नगर विकास मंत्री फिरहाद हकीम पर राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। विवादित भवन के नक्शे को अंतिम मंजूरी देने के आरोप में उनकी गिरफ्तारी की मांग अब विपक्ष के साथ-साथ तृणमूल कांग्रेस के एक धड़े की ओर से भी उठने लगी है।

सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, 20 नवंबर 2025 को कोलकाता नगर निगम की बिल्डिंग कमेटी ने गोदाम के नक्शे को सशर्त मंजूरी दी थी। बैठक की कार्यवाही में उल्लेख है कि अंतिम स्वीकृति मेयर अथवा बिल्डिंग विभाग के प्रभारी की अनुमति के बाद ही प्रभावी होगी। उस समय दोनों जिम्मेदारियां फिरहाद हकीम के पास थीं और अंतिम हस्ताक्षर भी उनके ही थे।

हालांकि, फिरहाद ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि गोदाम अवैध नहीं था और निर्माण कार्य की निगरानी करना मेयर का दायित्व नहीं है। उनके अनुसार, तकनीकी विशेषज्ञों की सिफारिश के आधार पर हस्ताक्षर करना महज एक औपचारिक प्रक्रिया थी।

दूसरी ओर, तृणमूल विधायक कुणाल घोष, सांसद महुआ मोइत्रा, माकपा और भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया है कि यदि इस मामले में अन्य अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों से पूछताछ की जा रही है, तो अंतिम मंजूरी देने वाले व्यक्ति को जांच के दायरे से बाहर क्यों रखा जाए। इस बीच, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि फिरहाद से जुड़ा यह विवाद अब ऋतब्रत खेमे के लिए भी सिरदर्द बनता जा रहा है।

चर्चा है कि विद्रोही गुट से उनकी कथित नजदीकियों के कारण यह मामला अब केवल कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। ऐसे में सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसियां आगे क्या कार्रवाई करती हैं।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in