अपराधियों के सामने पुलिस की पिटाई बर्दाश्त नहीं : मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी

जरूरत पड़ी तो मैं खुद थाने में बैठकर दिखाऊंगा कि काम कैसे कराया जाता है।
मिथुन चक्रवर्ती से मिलते सीएम शुभेंदु अधिकारी
मिथुन चक्रवर्ती से मिलते सीएम शुभेंदु अधिकारी
Published on

कोलकाता : मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले जिला दौरे पर दक्षिण 24 परगना पहुंचे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य पुलिस को सख्त संदेश देते हुए कहा कि अपराधियों के हाथों पुलिसकर्मियों की पिटाई किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “पुलिस मार खाए, ऐसी घटना किसी भी तरह मेरे कानों तक नहीं पहुंचनी चाहिए।”

डायमंड हारबर से मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी स्तरों के पुलिस अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। बैठक में राज्य पुलिस के कार्यवाहक डीजी सिद्धनाथ गुप्ता और मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल भी मौजूद थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सरकार की सख्त नीति का संदेश पुलिस प्रशासन के शीर्ष से लेकर निचले स्तर तक पहुंचाया।

पिछले कुछ वर्षों में राज्य में कई बार अशांति रोकने के दौरान पुलिस पर हमले और पुलिसकर्मियों के घायल होने की घटनाएं सामने आई थीं। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि नई सरकार ऐसी घटनाओं पर किसी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगी।

राज्य में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के फैसले का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन स्थानीय लोगों और धार्मिक नेताओं से बातचीत कर समाधान निकाले। हालांकि, धार्मिक कारणों से अशांति फैलने पर दोषियों के खिलाफ उनकी भूमिका के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस संदर्भ में उन्होंने हालिया आमडांगा और आसनसोल की घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आसनसोल जैसी स्थिति में पुलिस सक्रिय नहीं दिखी तो कठोर कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, “जरूरत पड़ी तो मैं खुद थाने में बैठकर दिखाऊंगा कि काम कैसे कराया जाता है।”

मुख्यमंत्री ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से ही क्षतिपूर्ति वसूलने का निर्देश भी दिया। साथ ही पुलिस अधिकारियों को अपने सरकारी वाहनों के दस्तावेज दुरुस्त रखने की चेतावनी देते हुए कहा, “जिस गाड़ी में आप चलते हैं, उसके कागजात भी सही होने चाहिए।”

उन्होंने कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने सभी थानों में डिजिटलीकरण, ई-ऑफिस व्यवस्था तथा जब्त हथियारों और मादक पदार्थों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए। देशव्यापी अपराध डेटा नेटवर्क ‘सीसीटीएनएस’ के अधिक प्रभावी उपयोग पर भी बल दिया गया। इसके अलावा, पशु तस्करी के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने की बात कही गई।

महिला सुरक्षा को सरकार की प्राथमिकताओं में बताते हुए मुख्यमंत्री ने उन थानों में महिला हेल्प डेस्क शुरू करने के निर्देश दिए जहां पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध है। साथ ही प्रत्येक महकमे में महिला थाना स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक हिंसा के जिन मामलों में अब तक लोग शिकायत दर्ज नहीं करा सके, उन्हें गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि अब तक दबाई गई संबंधित फाइलों की भी नए सिरे से जांच की जाए।

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in