पहली बार JU में मनाया गया ‘पश्चिम बंगाल दिवस’

इतिहास और पहचान से जुड़ने की पहल
JU के कुलपति चिरंजीव भट्टाचार्य द्वारा तथागत रॉय का सम्मान किया जा रहा है
JU के कुलपति चिरंजीव भट्टाचार्य द्वारा तथागत रॉय का सम्मान किया जा रहा है
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कोलकाता : राज्य सरकार के निर्देश के अनुरूप जादवपुर विश्वविद्यालय (JU) में पहली बार ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में बंगाल के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और राज्य के गठन की पृष्ठभूमि को सामने लाने पर जोर दिया गया।

शनिवार को त्रिगुणा सेन ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व प्रोफेसर तथागत राय और मौलाना अबुल कलाम आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ एशियन स्टडीज के निदेशक स्वरूपप्रसाद घोष मौजूद रहे। कुलपति चिरंजीब भट्टाचार्य भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

वक्ताओं ने 20 जून 1947 के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि इसी दिन बंगाल विभाजन का प्रस्ताव पारित हुआ था, जिसके बाद पश्चिम बंगाल के अस्तित्व का मार्ग प्रशस्त हुआ। कार्यक्रम में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान का भी उल्लेख किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि ‘पश्चिम बंगाल दिवस’ केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को राज्य के इतिहास, पहचान और विरासत से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों और स्कूलों की तरह JU में भी इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों के सामने बंगाल के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक इतिहास को रखने की कोशिश की गई।

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