

सन्मार्ग संवाददाता
खड़गपुर : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर में पश्चिमबंग दिवस के अवसर पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल (SPMSH) में गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक, बौद्धिक एवं ऐतिहासिक विरासत को स्मरण करते हुए राज्य के राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान का अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम में आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती, अस्पताल के चिकित्सक एवं कर्मचारीगण, संकाय सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी तथा संस्थान परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
इस अवसर पर पश्चिम बंगाल की साहित्य, संगीत, कला, अध्यात्म, विज्ञान, व्यापार एवं वाणिज्य तथा सामाजिक सुधार के क्षेत्र में ऐतिहासिक भूमिका को स्मरण किया गया, जिसने भारत की राष्ट्रीय चेतना को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
20 जून का दिन पश्चिम बंगाल के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। यह वह ऐतिहासिक अवसर है जिसने पश्चिम बंगाल को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस संदर्भ में महान शिक्षाविद्, राष्ट्रवादी चिंतक एवं दूरदर्शी नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के अमूल्य योगदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। वर्ष 2026 डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती का भी स्मरणीय वर्ष है।
इस अवसर पर प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने ज्ञान, सेवा और राष्ट्र निर्माण के उन आदर्शों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिनका प्रतिपादन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने किया था। उन्होंने शिक्षा, अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के प्रति आईआईटी खड़गपुर की प्रतिबद्धता को दोहराया।
पश्चिमबंग दिवस के आयोजन के माध्यम से आईआईटी खड़गपुर ने पश्चिम बंगाल के साथ अपने गहरे संबंधों को पुनः रेखांकित करते हुए समाज एवं राष्ट्र की प्रगति के लिए सतत योगदान देने के अपने संकल्प को दोहराया।