

कोलकाता : राज्य विधानसभा में इस बार एक अभूतपूर्व स्थिति बनने जा रही है। तृणमूल कांग्रेस में आंतरिक विभाजन, पार्टी के चुनाव चिह्न और फंड को लेकर जारी विवाद तथा विपक्ष के नेता के पद को लेकर कानूनी लड़ाई के बीच पहली बार पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) समेत चार समितियों के अध्यक्षों का चुनाव मतदान के जरिए होगा। विधानसभा सचिवालय ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी।
अधिसूचना के अनुसार, 30 जून तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 1 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 2 जुलाई को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 5 जुलाई को होगा। अब तक परंपरा रही है कि पीएसी, पब्लिक अंडरटेकिंग कमेटी सहित कई महत्वपूर्ण समितियों की अध्यक्षता विपक्ष के पास रहती है और विपक्ष आपसी सहमति से अपने उम्मीदवार का चयन करता है।
लेकिन इस बार तृणमूल कांग्रेस में विभाजन के कारण स्थिति पूरी तरह बदल गई है। सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी खेमे के 80 विधायकों में से 65 विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले 'विद्रोही' गुट के साथ हैं। इसी गुट ने संख्या बल के आधार पर विपक्ष के नेता के पद पर भी दावा किया है, जिस पर मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।
विधानसभा सूत्रों के अनुसार, पीएसी चेयरमैन पद के लिए ऋतब्रत खेमा फिरहाद हकीम के नाम पर आगे बढ़ रहा है, जबकि ममता बनर्जी गुट ने अभी तक अपने उम्मीदवार के नाम का खुलासा नहीं किया है। विधानसभा के इतिहास में पहली बार चार समितियों के अध्यक्षों का चयन मतदान के जरिए होगा।