फ़ाइल फोटो
फ़ाइल फोटो

विश्वविद्यालय ट्रांसफर बिल के खिलाफ कोर्ट जाएगा JUTA

Published on: 

आपात बैठक में कानूनी लड़ाई का सर्वसम्मत फैसला

चांसलर को भी अलग से पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता :

विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के तबादले से जुड़े संशोधन विधेयक के खिलाफ जादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (JUTA) ने कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया है। बुधवार की रात हुई कार्यसमिति की आपात बैठक में इस मुद्दे पर सर्वसम्मति से अदालत का रुख करने का निर्णय लिया गया। जुटा के सचिव पार्थ प्रतिम राय ने कहा कि संगठन इन विधेयकों को “कठोर और दमनकारी” मानता है तथा इनके खिलाफ मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सभी संबंधित हितधारकों को सूचित कर दिया गया है और उन्होंने भी जुटा के रुख का समर्थन किया है।राय ने कहा कि संगठन राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति को भी अलग से पत्र भेजेगा। जुटा को जानकारी मिली है कि विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस की गैरमौजूदगी के कारण संबंधित विधेयक को अभी तक कुलाधिपति की मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में संगठन उनसे पूरे मामले पर गौर करने और आवश्यक हस्तक्षेप करने का अनुरोध करेगा। जुटा का कहना है कि विश्वविद्यालय शिक्षकों के तबादले से जुड़े प्रावधानों का व्यापक असर उच्च शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की सेवा शर्तों पर पड़ सकता है। इसी वजह से संगठन ने विधेयक के खिलाफ न्यायिक विकल्प अपनाने का निर्णय लिया है।
सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in