केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मुद्दे पर तृणमूल सरकार पर साधा निशाना

कहा - राज्य के 4,000 से अधिक स्कूलों में शिक्षक नहीं
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
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कोलकाता : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को जानबूझकर लागू नहीं किया जा रहा है, जिससे बंगाल के छात्रों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। कोलकाता में शिक्षक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह नीति मातृभाषा में शिक्षा, स्किल्ड एजुकेशन और आधुनिक तकनीक आधारित पढ़ाई को बढ़ावा देती है, लेकिन तृणमूल सरकार इसे रोक रही है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि NEP लागू होती तो शिक्षा विकास के लिए बंगाल को अब तक 10,000 करोड़ रुपये मिल चुके होते, लेकिन राज्य सरकार ने राजनीतिक कारणों से इस फंड को ठुकरा दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के 4,000 से अधिक स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और पूरे देश में सबसे अधिक टीचरलेस स्कूल बंगाल में हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जहां देश के लगभग 70 प्रतिशत स्कूलों में इंटरनेट सुविधा है, वहीं बंगाल में यह आंकड़ा महज 16 प्रतिशत है।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार स्कूलों में AI और आधुनिक तकनीक को लागू नहीं करना चाहती और पीएम-श्री योजना को भी रोका गया है। उन्होंने कहा कि योग्य शिक्षक सड़कों पर अपनी नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आजादी के बाद तृणमूल सरकार के राज में शिक्षकों को सबसे ज्यादा सुविधाओं से वंचित किया गया है। टेट को लेकर उन्होंने कहा कि यदि बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है तो उनके लिए उचित व्यवस्था की जाएगी।

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