

कोलकाता : बिहार और झारखंड में शादी के सीजन में अश्लील ‘मचा डांस’ की भारी मांग के चलते कोलकाता व आसपास के इलाकों से नाबालिग लड़कियों की तस्करी का गंभीर आरोप लगा है। इसमें नाबालिग लड़के भी पीछे नहीं हैं। आरोप है कि विभिन्न शादी विवाहों में इन किशोरियों को जबरन अश्लील नृत्य करने के लिए मजबूर किया जाता है। नृत्य कार्यक्रम के बाद भी कई बार इन नाबालिगों का यौन शोषण किया जाता है। हाल ही में कोलकाता से बिहार ले जाए जा रहे नाबालिग लड़के-लड़कियों की तस्करी करते हुए कोलकाता रेलवे स्टेशन पर रेल पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। पकड़ी गई महिलाओं के नाम ममता माखाल और रेशमी नस्कर हैं। स्टेशन से पांच नाबालिग लड़कियां और दो नाबालिग लड़कों का उद्धार किया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपित दक्षिण कोलकाता के हरिदेवपुर इलाके के रामजीवनपुर की रहने वाली हैं। उद्धार किए गए नाबालिग भी इसी इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं। उन्हें कोलकाता स्टेशन से बिहार जाने वाली ट्रेन में चढ़ाया जा रहा था, लेकिन ट्रेन छूटने से पहले ही पुलिस ने उन्हें बचा लिया।
रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर बढ़ायी गयी नजरदारी
आरपीएफ और रेल पुलिस कोलकाता, श्यामनगर, दमदम समेत विभिन्न स्टेशनों पर निगरानी बढ़ा चुकी है। कभी अलग-अलग, तो कभी संयुक्त रूप से कार्रवाई हो रही है। एक साथ कई किशोर-किशोरियां या युवा ट्रेन में चढ़ते दिखें, तो उनसे पूछताछ की जाती है। उनके साथ मौजूद व्यक्ति या महिलाओं से भी सख्ती से पूछताछ होती है। उनके पास वैध दस्तावेज हैं या नहीं, यह जांचा जाता है। यदि पता चलता है कि उन्हें ‘मचा डांस’ या अश्लील नृत्य के लिए बिहार-झारखंड ले जाया जा रहा है, तो उन्हें तुरंत रोका जाता है। इसी तरह कोलकाता पुलिस मैदान और बाबूघाट के बस स्टैंड पर भी नजर रखे हुए है।
एजेंट के ऑर्डर पर तैयार किये जाते हैं किशोर व किशोरी
पुलिस के मुताबिक, शादी के सीजन में नाबालिग लड़कियों की ऐसी तस्करी बढ़ जाती है। बिहार-झारखंड में कई गिरोह शादी घरों से नृत्य कार्यक्रमों के ‘ऑर्डर’ लेते हैं। वे कोलकाता में अपने एजेंटों को सूचना भेजते हैं। कोलकाता व आसपास के एजेंट निम्न आय वर्ग के किशोर-किशोरियों को चटुल गीतों पर नाच सिखाते हैं। पैसे का लालच देकर उन्हें बिहार-झारखंड के ‘कार्यक्रमों’ में ले जाया जाता है। नृत्य के नाम पर इनके साथ खुले तौर पर अत्याचार होता है। जरूरत पड़ने पर रात भर नचाया जाता है। दर्शकों की मांग पर नाबालिग लड़कियों को अश्लील हरकतें करनी पड़ती हैं। बीमार होने पर पिटाई होती है। कार्यक्रम के अंत में यौन शोषण भी किया जाता है। एजेंटों के दबाव में नाबालिग दूसरे राज्य की पुलिस में शिकायत भी नहीं कर पाते। इसलिए पुलिस ने उन्हें कार्यक्रमों के लिए जाते ही रोकने का फैसला किया है।