प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड बेचने के आरोप में दो गिरफ्तार

अभियुक्तों के पास से मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद
फाइल फोटो
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : साइबर ठगी के एक मामले की जांच के दौरान कोलकाता पुलिस ने प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड की खरीद-बिक्री से जुड़े कथित संगठित गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कोलकाता पुलिस के साइबर क्राइम थाने में दर्ज मामले में की गयी। अभियुक्तों के नाम मो.सुल्कान और मो.बिलाल कुरैशी हैं। पुलिस ने दोनों को टाला और लेकटाउन इलाके से पकड़ा है। शुक्रवार को अभियुक्तों को अदालत में पेश करने पर उन्हें 21 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

क्या है पूरा मामला

पुलिस के अनुसार, गत अगस्त महीने में साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर 10 सितंबर को लेक टाउन थाना क्षेत्र में छापेमारी की गई। इस दौरान बेलगछिया निवासी मोहम्मद शकील को गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि वह पहले से सक्रिय सिम कार्ड खरीदने के कारोबार में शामिल था। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद किए गए। शकील से पूछताछ के बाद पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर टाला थाना क्षेत्र में एक और अभियान चलाया गया। वहां से पुलिस ने 33 वर्षीय मोहम्मद बिलाल कुरैशी, पुत्र स्वर्गीय मोहम्मद मसुरुद्दीन, को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, वह प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड की खरीद-बिक्री करने वाले संगठित नेटवर्क का कथित सदस्य है। पुलिस के अनुसार, बिलाल को 11 सितंबर 2026 की रात करीब 2.45 बजे टाला थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड जब्त किया गया। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी साइबर अपराध से जुड़े मामले की आगे की जांच में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा इन सिम कार्ड का इस्तेमाल किन साइबर अपराधों में किया गया।

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