

कोलकाता : महानगर के व्यावसायिक इलाकों में 10 दिनों के भीतर हुई दो चोरी की घटनाओं से हड़कंप मच गया। गुरुवार को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग गैंग से जुड़े 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि दोनों गैंग के ‘मास्टरमाइंड’ सगे भाई हैं, जो अलग-अलग टीम बनाकर एक के बाद एक वारदात को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पहली चोरी पोस्ता इलाके के एक घर में हुई थी। वहां से मंदिर का दानपात्र चोरी कर लिया गया, जिसमें करीब 20 हजार रुपये नकद थे। दूसरी घटना बड़ाबाजार थाना क्षेत्र में सामने आयी, जहां फुटपाथ पर स्थित एक दुकान का ताला तोड़कर लगभग 1.30 लाख रुपये मूल्य की इमिटेशन ज्वेलरी चोरी कर ली गयी।
दोनों घटनाओं की जांच के लिए लालबाजार के डिटेक्टिव विभाग को लगाया गया। जांच में सामने आया कि दोनों मामलों में अलग-अलग गैंग सक्रिय थे, लेकिन दोनों के टीम लीडर सगे भाई हैं। उनकी पहचान नारायण बाग और पूर्ण बाग के रूप में हुई है। दोनों बरानगर के निवासी हैं। पुलिस ने इन दोनों भाइयों के अलावा सैराब मिद्दा, अतुल कुमार, तुषार सरदार और जीत शैल को भी गिरफ्तार किया है। सभी को बीटी रोड स्थित डनलप बस स्टैंड से खुफिया विभाग के वॉच सेक्शन ने दबोचा।
क्या है पूरा मामला
लालबाजार के अनुसार, पहली शिकायत 1 फरवरी को दर्ज की गयी थी। पोस्ता थाना क्षेत्र के राजा ब्रजेंद्र नारायण स्ट्रीट निवासी राजदीप गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उनके घर से मंदिर का दानपात्र चोरी हो गया है। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। फुटेज में तीन संदिग्ध नजर आये, लेकिन उनकी पहचान नहीं हो सकी। करीब दस दिन बाद बड़ाबाजार इलाके में एक और चोरी की घटना सामने आयी। कॉटन स्ट्रीट पर इमिटेशन ज्वेलरी की दुकान चलाने वाले ओम प्रकाश साव ने शिकायत दर्ज करायी कि रात 11:30 बजे से अगले दिन सुबह 8:30 बजे के बीच उनकी दुकान से सारा सामान चोरी हो गया। व्यवसायी के मुताबिक चोरी हुए सामान की कीमत करीब 1 लाख 30 हजार रुपये है। इस मामले में भी बड़ाबाजार थाने ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। यहां भी सीसीटीवी में तीन संदिग्ध कैद हुए। दोनों घटनाओं में चोरी का समय, तरीका और आरोपितों की संख्या में समानता देख लालबाजार को शक हुआ। इसके बाद इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट के वॉच सेक्शन ने जांच अपने हाथ में ली। निगरानी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आखिरकार दोनों भाइयों और उनके साथियों की संलिप्तता का खुलासा हुआ। पुलिस अब अभियुक्तों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि वे और किन वारदातों में शामिल रहे हैं।