त्रिवेणी कुंभ में आस्था का महासंगम, अमृत स्नान श्रद्धा-भक्ति के साथ सम्पन्न

साधु-संतों ने नगर परिक्रमा करते हुए सप्तऋषि घाट पर गंगा में लगायी आस्था की डुबकी भीड़ को नियंत्रित करने में सक्रिय रही हुगली ग्रामीण पुलिस

हुगली ग्रामीण पुलिस के एसपी कामनाशीष सेन सप्तऋषि घाट का दौरा करते हुए, साथ में हैं कई अधिकारी
हुगली ग्रामीण पुलिस के एसपी कामनाशीष सेन सप्तऋषि घाट का दौरा करते हुए, साथ में हैं कई अधिकारी
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सतीश, सन्मार्ग संवाददाता

हुगली : त्रिवेणी कुंभ में साधुओं का अमृत स्नान पर्व श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ सम्पन्न हुआ। पांच सौ से अधिक पुलिसकर्मियों और करीब सौ सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कुंभ स्नान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। सुबह शोभायात्रा निकालकर नागा तथा अन्य साधु-संतों ने नगर परिक्रमा करते हुए सप्तऋषि घाट पर गंगा में पवित्र डुबकी लगाई। मान्यता है कि माघ संक्रांति के दिन त्रिवेणी कुंभ में स्नान करने से पाप धुल जाते हैं। परंपरा के अनुसार पहले साधु-संत स्नान करते हैं, उसके बाद सामान्य श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं। अन्य दिनों की तुलना में शुक्रवार को अधिक भीड़ देखी गई। देश के विभिन्न मठों और अखाड़ों से आए साधुओं के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। तीन दिवसीय कुंभ मेले में खरीद-बिक्री भी होती रही। अमृत भंडार सहित विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया। घाटों पर किसी प्रकार की दुर्घटना न हो, इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मियों को तैनात किया गया। हुगली ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक कामनाशीष सेन ने बताया कि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से स्नान कर अपने घर लौट सकें, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए। भीड़ नियंत्रण हेतु विभिन्न स्थानों पर ड्रॉप गेट लगाए गए तथा समुचित ट्रैफिक व्यवस्था की गई। पांच सौ पुलिसकर्मी तैनात रहे और करीब सौ सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी गई। सिविल डिफेंस और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें भी मुस्तैद रहीं। कुंभ मेले के मुख्य सलाहकार कंचन बंद्योपाध्याय ने कहा कि कुंभ हिंदू संस्कृति का महासंगम है, जहां धर्म, समाज, संस्कृति, आध्यात्मिकता और परंपरा का अद्भुत मेल दिखाई देता है। इस वर्ष देशभर से लगभग साढ़े तीन सौ साधु पहुंचे, जिनमें नागा साधु भी शामिल हैं। कुंभ मेला सनातन धर्मावलंबियों की एकता का प्रतीक है। स्नान के लिए आए श्रद्धालुओं ने बताया कि व्यवस्था बेहद अच्छी रही और विशेष दिन होने के कारण उन्होंने त्रिवेणी संगम में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। बांसबेड़िया पालिका की वाइस चेयरपर्सन शिल्पी चटर्जी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पालिका की ओर से हर तरह की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। राज्य के कई विभाग कई दिनों से मेले को सफल बनाने में जुटे थे।


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