ममता के थप्पड़ पर डैमेज कंट्रोल में उतरी तृणमूल

'मां' और 'अभिभावक' की छवि के सहारे किया बचाव
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कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो एवं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा एक पार्टी कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने और कुछ अन्य को धक्का देने का वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुए राजनीतिक विवाद पर पार्टी गुरुवार को डैमेज कंट्रोल में उतर आई। भाजपा के हमलों के बीच तृणमूल के वरिष्ठ नेताओं ने एक सुर में ममता के कदम को परिस्थितिजन्य बताते हुए उनका बचाव किया।

तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने कहा कि घटना के समय कार्यकर्ताओं और मीडिया की भारी भीड़ थी, जबकि भीतर कई घायल कार्यकर्ता उपचार की प्रतीक्षा कर रहे थे। उनके अनुसार, ममता बनर्जी स्वयं वाहनों के लिए रास्ता खाली कराकर घायलों को अस्पताल भेजने का प्रयास कर रही थीं। ऐसे में यदि उन्होंने किसी कार्यकर्ता को धक्का देकर हटाया या थप्पड़ मारा, तो उसका उद्देश्य केवल रास्ता साफ कराना था। कुणाल ने कहा, "यदि एक मां अपने एक बच्चे को हटाकर दूसरे बच्चे की जान बचाने की कोशिश करती है, तो उसे विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। ममता बनर्जी ने एक अभिभावक की भूमिका निभाई।"

पार्टी नेता वैश्वानर चट्टोपाध्याय ने भी मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने किसी को जानबूझकर थप्पड़ नहीं मारा। उनके मुताबिक, वह केवल भीड़ को नियंत्रित कर रही थीं ताकि घायल कार्यकर्ताओं तक समय पर मदद पहुंचाई जा सके। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस घटना को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहा है।

वहीं, तृणमूल सांसद सौगत राय ने भी मुख्यमंत्री के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का अपने कार्यकर्ताओं से पारिवारिक रिश्ता है और पार्टी प्रमुख अपने कार्यकर्ताओं के साथ जो उचित समझें, वह कर सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।

उल्लेखनीय है कि घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भाजपा ने मुख्यमंत्री के व्यवहार को लेकर तीखी आलोचना की थी, जिसके बाद तृणमूल नेतृत्व लगातार उनके बचाव में सामने आ रहा है।

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