

रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता
सुंदरवन : पूरे पश्चिम बंगाल में ‘धरती आवा’ बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इसी क्रम में शनिवार को सुंदरवन के दूरस्थ जयगोपालपुर आदिवासी अवैतनिक प्राथमिक विद्यालय परिसर में उलगुलान के महानायक वीर बिरसा मुंडा की भव्य प्रतिमा का अनावरण जयनगर की लोकप्रिय सांसद प्रतिमा मंडल ने किया। साथ ही विद्यालय की दूसरी मंजिल पर “सुंदरवन उपजातीय ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संग्रहशाला” का उद्घाटन भी हुआ। यह संग्रहालय विश्व की प्राचीनतम आदिवासी जनजातियों के विलुप्त हो रहे इतिहास, जीवनशैली, धर्म-संस्कृति और स्वाधिकार संघर्ष को जनसामान्य तक पहुँचाने का अनूठा प्रयास है। संग्रहालय में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सहित आदिवासी समाज से निकले आईएएस, आईपीएस, डब्ल्यूबीसीएस अधिकारियों की तस्वीरें और उपलब्धियाँ प्रदर्शित हैं। धामसा-मादल जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्र, दैनिक उपयोग की वस्तुएँ और दीवारों पर चित्रित आदिवासी गौरवगाथाएँ संग्रहालय की शोभा बढ़ाती हैं। यह पहल विद्यालय की ओर से आदिवासी विरासत को संरक्षित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने बिरसा मुंडा के जीवन संघर्ष, ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह और आदिवासी अस्मिता की रक्षा पर गहन चर्चा की। इसी बीच, बासंती ब्लॉक के चूनाखली में भी बिरसा मुंडा की जयंती उत्सव आयोजित किया गया। यहाँ आदिवासी लोक नृत्य, गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समां बाँध दिया। ये आयोजन न केवल बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि हैं, बल्कि सुंदरवन में आदिवासी पहचान को पुनर्जीवित करने और भावी पीढ़ी तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम भी हैं।
बिरसा जयंती पर सुंदरवन संग्रहालय उद्घाटन : मंत्री दिलीप मंडल उपस्थित
कार्यक्रम में कैनिंग महकमा अधिकारी मिथुन विश्वास, सिधू-कान्हू-बिरसा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. दीपक रंजन मंडल, प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. सुब्रत मलिक, राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त डॉ. मनोरंजन स्वर, शिक्षक सहदेव बनर्जी, कलाकार क्षितिज विशाल, समाजसेवी विश्वजीत महाकुड़, शाहजहां सिराज और प्रधानाध्यापक शुकदेव बर परिवहन विभाग के प्रति मंत्री दिलीप मंडल, नारी और शिशु कल्याण विभाग की कर्माध्यक्ष शची नस्कर सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।