ट्रॉलर से लापता युवक, परिवार ने कानूनी मदद की राह देखी

लापता मछुआरा कृष्‍णेंदू प्रमाणिक के परिवार मदद की गुहार लगाती हुई
लापता मछुआरा कृष्‍णेंदु प्रमाणिक के परिवार मदद की गुहार लगाती हुई
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रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता

दक्षिण 24 परगना: डेढ़ साल पहले लापता हुए युवक की मां बेटे की तलाश में थाने और सीआईडी के दरवाजे तक गईं, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। परिवार के अनुसार, अक्टूबर 2024 में दक्षिण 24 परगना के गंगासागर के कंपनी छार इलाके के रहने वाले कृष्णेंदु प्रमाणिक एक पड़ोसी के साथ ट्रॉलर में मछली पकड़ने गए थे। ट्रॉलर में रहते हुए उन्होंने परिवार को फोन पर बताया कि उन्हें ट्रॉलर में पीटा गया है। इसके बाद अचानक उनका संपर्क टूट गया। कृष्णेंदु की मां ने पड़ोसी से बेटे को वापस लाने की बात कही, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी परिवार बेटे से संपर्क नहीं कर सका। ना तो पड़ोसी और ना ही ट्रॉलर के अन्य मछुआरे इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी दे सके कि कृष्णेंदु अब कहाँ हैं।इस घटना के बाद कृष्णेंदु की मां मृण्मयी प्रमाणिक ने सागर और नामखाना थाने में लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। बावजूद इसके, लंबे समय तक कोई प्रगति नहीं हुई। उन्होंने बेटे की फोटो और सभी दस्तावेज लेकर सीआईडी कार्यालय, भवानी भवन और लालबाजार तक का रुख किया। स्थानीय मछुआरी संगठन और सरकारी कार्यालयों में भी उन्होंने मदद मांगी, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। अंततः वे और उनकी बहन महामाया प्रमाणिक काकद्वीप महकमा अदालत के सामने जाकर वकीलों की मदद मांगने को मजबूर हुए। मृण्मयी ने बताया कि बेटे ने ट्रॉलर में रहते हुए उन्हें फोन किया और मारपीट होने की सूचना दी। ट्रॉलर के अन्य लोग घर लौट आए, लेकिन कृष्णेंदु वापस नहीं आया। वे अब उम्मीद कर रही हैं कि कोई वकील मामले को कानूनी रास्ते से आगे बढ़ाने में उनकी मदद करेगा।

सुंदरवन समुद्री मत्स्यजीवी श्रमिक यूनियन के सचिव का बयान :

सुंदरवन समुद्री मत्स्जीवी श्रमिक यूनियन के सचिव सतीनाथ पात्र ने कहा कि लापता युवक के परिजन को मदद की जा रही है।

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