

कोलकाता : राजस्थान गौ कल्याण ट्रस्ट की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास आचार्य श्रीकांत शर्मा ‘बालव्यास’ ने कहा कि भक्ति के लिए जंगल जाने की आवश्यकता नहीं है। घर में रहकर श्रद्धा और भजन किया जाए तो वही घर वृंदावन बन सकता है। उन्होंने विदुरानी और भगवान श्रीकृष्ण के प्रसंग के माध्यम से प्रेम एवं निष्काम भक्ति का महत्व बताया।
गणपति राजेश सभागार में प्रवचन करते हुए उन्होंने कहा कि सत्संग मनुष्य को ईश्वर के करीब ले जाता है। कपिल भगवान के प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने श्रद्धालुओं से संतों का संग करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर साध्वी गोपाल सरस्वती दीदी ने कहा कि गाय की सेवा ईश्वर की सेवा के समान है। उन्होंने गौ संरक्षण को समाज और देश के लिए महत्वपूर्ण बताया। आयोजन समिति के सदस्य सिद्धार्थ दीवान ने बताया कि कथा का आयोजन सुरभि सदन गौशाला के निर्माण, विकास एवं संचालन के उद्देश्य से किया गया है।
कार्यक्रम में राधेश्याम गोयनका, ओम जालान, सीता गोयल, शशि कुमार गोयल, जेपी अग्रवाल, सी.एस. शारडा, मनोज अग्रवाल, निर्मल सराफ, तन्मय छापड़िया, उमंग छापड़िया, विमल केडिया, दीनानाथ गुप्ता, घनश्याम गुप्ता सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
आयोजन में राहुल दीवान, रमेश अग्रवाल एवं अरविन्द अग्रवाल सहित गोसेवकों ने सहयोग किया। संचालन संजय मस्करा ने किया।