

फल, पूजा सामग्री और प्रसाद की खरीददारी तेज
खरना के साथ ही शुरू हुआ 36 घंटे का निर्जला व्रत
मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : चैती छठ पर्व को लेकर पूरा माहौल छठमय हो गया और घर-घर में छठ मईया के गीत गूंज रहे हैं। सोमवार को खरना पूजा के साथ ही यह चार दिवसीय महापर्व अपने सबसे महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर गया। दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद व्रतियों ने शाम को खरना का प्रसाद ग्रहण किया और इसी के साथ शुरू हो गया 36 घंटे का कठोर निर्जला व्रत। ऐसे में सोमवार को बाजारों में रौनक चरम पर पहुंच गई। फल, सूप, दऊरा और पूजा सामग्री खरीदने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
छठ के रंग में रंगे बाजार, गन्ना-नारियल की जबरदस्त बिक्री
फल, गन्ना, नारियल, केला, सेब, संतरा, सूखे मेवे, ठेकुआ बनाने की सामग्री, सूप, दऊरा और पूजा से जुड़े अन्य सामानों की दुकानों पर काफी भीड़ रही। कई जगहों पर सुबह से ही दुकानों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं। दुकानदारों के मुताबिक, इस बार मांग पिछले साल की तुलना में अधिक देखने को मिल रही है। बाजारों में सबसे ज्यादा भीड़ उन दुकानों पर रही जहां छठ पूजा के लिए विशेष सामग्री उपलब्ध थी। गन्ना, नारियल और केला की बिक्री काफी तेज रही। इसके अलावा मिट्टी के दीये, धूप, अगरबत्ती और रंग-बिरंगे सूप भी लोगों ने बड़ी मात्रा में खरीदे। श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ पूजा की तैयारी में जुटे नजर आये।
आज अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य
चैती छठ के तीसरे दिन यानी आज शाम को अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया जाएगा। व्रती नदी, तालाब या घाटों पर पहुंचकर डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे। वहीं बुधवार की सुबह सुबह छठव्रती उदीयमान भगवान भुवन भास्कर सूर्य को अर्घ्य देंने के बाद व्रत का पारण करेंगे जिसके साथ ही इस चार दिवसीय पर्व का समापन होगा। श्रद्धालु इस पर्व को संतान सुख, परिवार की खुशहाली और समृद्धि के लिए पूरे नियम और आस्था के साथ मनाते हैं। चैती छठ को लेकर पूरे शहर में उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना हुआ है। छठ घाटों पर प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।