भाजपा में गए पूर्व सांसदों पर तृणमूल का तंज

बोली- जनता सब देख रही है, पार्टी को कोई नुकसान नहीं
ममता बनर्जी
ममता बनर्जी
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कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक के गुरुवार को भाजपा में शामिल होने के बाद तृणमूल ने उनकी राजनीतिक अहमियत को कमतर बताते हुए दावा किया कि इससे पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और अंतिम फैसला वही करेगी।

तृणमूल नेता कुणाल घोष ने कहा कि सुखेंदु शेखर रॉय 2011 से पहले न विधायक थे और न ही सांसद। ममता बनर्जी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें राज्यसभा भेजा और दूसरी बार भी मौका दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ममता बनर्जी सत्ता में थीं, तब उन्होंने पार्टी नहीं छोड़ी, लेकिन विपक्ष में आने के बाद उनका रुख बदल गया। कुणाल ने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।

तृणमूल सांसद डोला सेन ने कहा कि देश एक लोकतांत्रिक व्यवस्था है और हर व्यक्ति को अपनी राजनीतिक पसंद चुनने का अधिकार है। हालांकि, इससे तृणमूल कांग्रेस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता ही करती है।

वहीं, तृणमूल के वरिष्ठ नेता एवं सांसद सौगत रॉय ने भी दावा किया कि इन नेताओं के भाजपा में जाने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने उन्हें केवल राज्यसभा की सदस्यता बनाए रखने के उद्देश्य से अपने साथ जोड़ा है। रॉय ने कहा कि ऐसे दल-बदल से भाजपा को भी कोई विशेष राजनीतिक लाभ मिलने वाला नहीं है।

भाजपा में तीन पूर्व सांसदों के शामिल होने के बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और इसे लेकर राज्य की राजनीति में बयानबाजी जारी है।

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