बच्चों की थाली से अंडा हटाने के खिलाफ टीएमसी

राज्य सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग
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कोलकाता : राज्य में मिड-डे मील (पीएम पोषण) के मेन्यू से अंडा हटाए जाने की संभावित योजना को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। तृणमूल कांग्रेस (ममता बनर्जी गुट) ने राज्य सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए इसे बच्चों के पोषण के खिलाफ बताया है।

बुधवार को टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि यदि मिड-डे मील की जिम्मेदारी ''इस्कॉन'' को दी जाती है और उसके कारण स्कूलों के भोजन से अंडा हटा दिया जाता है, तो इसका सबसे अधिक नुकसान गरीब और निम्न आय वर्ग के बच्चों को होगा।

उन्होंने कहा कि लाखों बच्चों के लिए स्कूल में मिलने वाला अंडा प्रोटीन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है और इसे हटाना उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। कुणाल ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस फैसले पर दोबारा विचार किया जाए।

उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक या वैचारिक कारण से बच्चों के भोजन में कटौती नहीं की जानी चाहिए। इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ''ब्रायन ने भी केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा।

उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि बच्चों की थाली से अंडा हटाना उन्हें आवश्यक पोषण से वंचित करना है और यह "शाकाहार थोपने" की कोशिश है। उन्होंने कहा कि बच्चों के पोषण से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। पार्टी ने राज्य सरकार से बच्चों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इस फैसले पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है।

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