यौन उत्पीड़न का मामला वापस लेने का दबाव, पार्षद मोहम्मद जसीमुद्दीन गिरफ्तार

साढ़े 5 घंटे चला हाई-वोल्टेज ड्रामा, आक्रोशित भीड़ ने फेंके अंडे
तृणमूल पार्षद मो.जसीमुद्दीन को गिरफ्तार कर ले जाती हुई पुलिस
तृणमूल पार्षद मो.जसीमुद्दीन को गिरफ्तार कर ले जाती हुई पुलिस
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कोलकाता : रविवार को कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के वार्ड नं. 39 के तृणमूल पार्षद मोहम्मद जसीमुद्दीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन पर एक युवती पर कथित रूप से हमला करने तथा पुराने यौन उत्पीड़न (पॉक्सो) मामले को वापस लेने के लिए पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने का आरोप है। पुलिस ने मामले में उसके सहयोगी अफसर अली को भी गिरफ्तार किया है। रविवार को अभियुक्तों को अदालत में पेश करने पर दोनों को एक दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।

कमरे में बंद मिले पार्षद, ताला तोड़कर पहुंची पुलिस

पुलिस सूत्रों के अनुसार, रविवार तड़के करीब 5:30 बजे जोड़ासांको थाने की पुलिस केंद्रीय बलों के साथ कॉलेज स्ट्रीट स्थित पार्षद के आवास पर पहुंची। पुलिस को सूचना मिली थी कि जसीमुद्दीन घर के अंदर मौजूद हैं। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज लगाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर अधिकारियों ने चाबी बनाने वाले को बुलाया और मुख्य द्वार सहित कोलैप्सिबल गेट का ताला खुलवाया। पुलिस जब घर के भीतर पहुंची तो पार्षद एक कमरे में बंद मिले। अधिकारियों ने उन्हें बाहर निकालकर हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए जोड़ासांको थाने ले जाया गया। बाद में उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

पॉक्सो मामले में पहले से दर्ज है शिकायत

पीड़ित परिवार का आरोप है कि कुछ वर्ष पूर्व, जब युवती नाबालिग थी, तब पार्षद और उनके सहयोगियों ने उसका यौन उत्पीड़न किया था। परिवार का कहना है कि उस समय राजनीतिक प्रभाव और भय के कारण शिकायत दर्ज नहीं कराई जा सकी। कुछ दिनों पहले परिवार ने जोड़ासांको थाने में पार्षद समेत 8 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम और छेड़छाड़ से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। आरोप है कि केस दर्ज होने के बाद से पार्षद और उनके समर्थक लगातार शिकायत वापस लेने के लिए परिवार पर दबाव बना रहे थे।

युवती पर हमले का आरोप, सीसीटीवी कैमरे भी तोड़े गए

परिवार के अनुसार, शनिवार रात करीब 11 बजे केलाबागान क्षेत्र में युवती को घेरकर उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि पार्षद और उनके सहयोगियों ने पहले उस पर अभद्र टिप्पणियां कीं और विरोध करने पर उसके साथ हाथापाई की। घटना में घायल युवती को उपचार के लिए मध्य कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोप यह भी है कि घटना के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से इलाके के कई सीसीटीवी कैमरों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसी मामले में शनिवार रात एक और प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

गिरफ्तारी के दौरान तनाव, लोगों ने जताया विरोध

गिरफ्तारी के दौरान इलाके में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। जहां एक ओर पार्षद के समर्थकों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया, वहीं स्थानीय निवासियों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस जब जसीमुद्दीन को वाहन तक ले जा रही थी, तब कुछ लोगों ने उन पर अंडे फेंके। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और केंद्रीय बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। अधिकारियों ने भीड़ को हटाकर पार्षद को सुरक्षित रूप से थाने पहुंचाया। मामले की जांच जारी है।

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