जादवपुर विश्वविद्यालय की EC को लेकर तीन साल का विवाद फिर चर्चा में

राजनीतिक पृष्ठभूमि ने बढ़ाई संवेदनशीलता
Kolkata
फाइल फोटो
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कोलकाता : जादवपुर विश्वविद्यालय (JU) और राज्य सरकार के बीच कार्यकारी परिषद (EC) की बैठकों को लेकर पिछले तीन वर्षों से जारी विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। राज्य सरकार अब 2023 से अब तक EC की बैठकों, उनके स्थगन और सरकारी अनुमति की प्रक्रिया का पूरा रिकॉर्ड सामने लाने की तैयारी कर रही है।

EC विश्वविद्यालय का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है, लेकिन इसकी बैठकों को लेकर कई बार सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन आमने-सामने आए हैं। नवंबर 2023 में प्रस्तावित EC बैठक को उच्च शिक्षा विभाग की आपत्ति के बाद स्थगित कर दिया गया था।

विभाग का कहना था कि 2019 के राज्य विश्वविद्यालय नियमों के अनुसार अंतरिम कुलपति को EC बैठक बुलाने से पहले राज्य सरकार की अनुमति लेना अनिवार्य है। बाद में दिसंबर 2023 में राज्य की मंजूरी मिलने के बाद बैठक आयोजित हो सकी।

मई 2026 में भी सत्ता परिवर्तन के दौरान EC की बैठक स्थगित कर दी गई। बैठक में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों, विभिन्न शैक्षणिक मामलों और करीब 50 लाख रुपये के एक समझौता ज्ञापन (MoU) को मंजूरी देने जैसे प्रस्ताव शामिल थे।

विश्वविद्यालय के अनुसार, राजनीतिक संक्रमण के कारण राज्यपाल कार्यालय की सलाह पर बैठक टाल दी गई थी। हालांकि, शिक्षक संगठनों से जुड़े EC सदस्यों ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि अकादमिक कार्य राजनीतिक परिस्थितियों से प्रभावित नहीं होने चाहिए।

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