

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के तीन बैंक खातों को डेबिट फ्रीज कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार इन खातों में करीब 440 करोड़ रुपये जमा हैं। इस कार्रवाई के बाद पार्टी के भीतर वित्तीय और संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर चल रहा संघर्ष और तेज हो गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, निजी क्षेत्र के एक बैंक में संचालित इन खातों से फिलहाल निकासी या अन्य बाहरी लेनदेन नहीं किए जा सकेंगे, हालांकि इनमें धनराशि जमा कराई जा सकेगी।
यह कार्रवाई नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी समर्थक 10 विधायकों द्वारा बिधाननगर साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई गई शिकायतों के बाद की गई है। शिकायत में खातों में जमा धन के स्रोत की जांच करने तथा इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई है।
विधायकों ने आरोप लगाया है कि खातों में जमा राशि का संबंध कथित कटमनी वसूली, सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और विभिन्न घोटालों से अर्जित धन से हो सकता है। इस बीच, ममता बनर्जी खेमे के एक वरिष्ठ विधायक ने खातों के फ्रीज किए जाने की जानकारी मिलने की पुष्टि की, हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
गौरतलब है कि पूर्व मंत्री अरूप विश्वास ने हाल ही में बैंक को पत्र लिखकर नेतृत्व विवाद के समाधान तक पार्टी के 500 करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि के संचालन पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। वहीं, तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने स्पष्ट किया कि अरूप विश्वास अब पार्टी के कोषाध्यक्ष नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि 5 जून को हुई कार्यकारिणी समिति की बैठक में सर्वसम्मति से शुभाशीष चक्रवर्ती को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया था और तभी से वे इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।
बैंक खातों को फ्रीज किए जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी विधायक कुणाल घोष ने कहा, "यह हमारी पार्टी का आंतरिक मामला है। यह फंड हमारे असंख्य कार्यकर्ताओं के खून-पसीने की कमाई से बना है। लगाए जा रहे आरोप केवल पार्टी की छवि धूमिल करने का प्रयास हैं। यह विधिवत ऑडिट किए गए फंड से जुड़ा मामला है और पार्टी नेतृत्व इस पूरे विषय पर नजर रखे हुए है।"