

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : महानगर एक बार फिर शास्त्रीय संगीत की सुरमयी धरोहर का साक्षी बनने जा रहा है। राज्य संगीत अकादमी और राज्य के सूचना व संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 'शास्त्रीय संगीत सम्मेलन 2026' 16 से 18 जनवरी तक रवींद्र सदन परिसर में आयोजित होगा। तीन दिनों तक चलने वाला यह आयोजन केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं, बल्कि परंपरा, साधना और आधुनिक संवेदना का जीवंत उत्सव होगा।
संगीत अकादमी के प्रमुख पंडित देबज्योति बोस ने पत्रकार सम्मेलन में कहा, आयोजन का उद्देश्य शास्त्रीय संगीत को सीमित दायरों से बाहर निकालकर आम श्रोताओं तक पहुंचाना है, ताकि नई पीढ़ी भी इस विधा से जुड़ सके। इस मंच पर देश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ उभरती प्रतिभाओं को भी समान अवसर मिलेगा। सम्मेलन का विशेष आकर्षण होगा पंडित विश्वमोहन भट (मोहनवीणा) और उस्ताद अमान अली बांगश (सरोद) का वादन, जो सुरों के संवाद का दुर्लभ अनुभव कराएगा।
इसके अलावा बांसुरी वादक पंडित रोनु मजुमदार, सरोद वादक पंडित तेजेन्द्र नारायण मजुमदार, पंडित संजय मुखोपाध्याय, पंडित योगेश समसी, कबीर सुमन, पंडित अरुण चट्टोपाध्याय और संजय बनर्जी जैसे दिग्गज कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से मंच को जीवंत बनाएंगे। निस्संदेह, यह सम्मेलन संगीत प्रेमियों के लिए यादगार सांस्कृतिक यात्रा साबित होगा।