कोलकाता : साल्टलेक स्थित एक प्रतिष्ठित सह-शिक्षा अंग्रेजी माध्यम स्कूल के कक्षा नौ के तीन छात्रों को सहपाठियों की तस्वीरों और वीडियो के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ कर उन्हें आपत्तिजनक रूप में तैयार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी छात्रों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित टूल का इस्तेमाल कर छात्राओं, महिला शिक्षकों और अन्य सहपाठियों की तस्वीरों व वीडियो को मॉर्फ किया और तैयार सामग्री को छात्रों के बीच प्रसारित किया।
मामला पिछले महीने सामने आया, जब कई छात्राओं और शिक्षिकाओं की आपत्तिजनक सामग्री कथित तौर पर व्हाट्सऐप ग्रुपों में साझा की गई। शिकायत मिलने के बाद विधाननगर सिटी पुलिस ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान एक आरोपी को महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था, जबकि रविवार को तीन अन्य किशोरों को सूचना के आधार पर पकड़ा गया। पुलिस का कहना है कि ये आरोपी कई सप्ताह से गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे थे।
सोशल मीडिया से जुटाई तस्वीरों का किया इस्तेमाल
जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों ने सोशल मीडिया पर उपलब्ध अपने सहपाठियों और शिक्षकों की तस्वीरों व वीडियो का इस्तेमाल किया।
इसके बाद एक मुफ्त AI वीडियो-जनरेशन टूल की मदद से वास्तविक जैसी दिखने वाली फर्जी आपत्तिजनक सामग्री तैयार की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तैयार सामग्री कितने लोगों तक पहुंची और इसके निर्माण या प्रसार में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
POCSO और IT Act के तहत कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ POCSO Act की धारा 12 और 15, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
तीनों किशोरों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल गृह भेजने का आदेश दिया गया। पुलिस मामले में डिजिटल सामग्री के प्रसार और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।