

अधिकारियों ने कहा-फेरी घाटों में सेवा दे रहे हैं हमारे गोताखोर
निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बैरकपुर : बैरकपुर दो पैसा घाट पर गत दिनों एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्टीमर पर चढ़ने के दौरान एक महिला अचानक संतुलन खो बैठी और सीधे गंगा में गिर पड़ी। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही वहां ड्यूटी पर तैनात सिविक वॉलेंटियर गोरखनाथ दीक्षित ने अद्भुत साहस का परिचय देते हुए गंगा में छलांग लगा दी और लगभग 3 फुट तक डूब चुकी महिला को बाहर निकालकर उसकी जान बचायी। वह हुगली के कॉलेज में पढ़ाने जा रही थी। इस पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसे देखकर लोग गोरखनाथ दीक्षित की जहां सराहना कर रहे हैं वहीं बैरकपुर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा तैयार की गयी अपनी ‘डीएमजी स्पेशल डायवर्ट टीम’ पर अधिकारियों को गर्व है। गोरखनाथ दीक्षित ने बताया कि ऐसा एक मामला नहीं है जब लोग दुर्घटनावश नदी में गिर जाते हैं। प्रायः ही उनके साथी ऐसे ही किसी न किसी की जान बचा रहे होते हैं। गोरखनाथ का कहना है उन्हें यह मौका मिला है जिससे वे अभिभूत हैं और अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।
तीन डिविजन में 7-7 डायवर्स की बनी है टीम, जलतरंग के साथी भी जुड़ेंगे
डीसी (हेडक्वार्टर) अतुल विश्वनाथन ने बताया कि गंगा घाटों पर डूबने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए सीपी मुरलीधर द्वारा यह विशेष पहल की गयी। अक्टूबर महीने में यह ‘डीएमजी स्पेशल डायवर्ट टीम’ बनाकर इसमें 21 प्रशिक्षित व अनुभवी गोताखोरों को नियुक्त किया गया। कमिश्नरेट पुलिस के नार्थ, साउथ और सेंट्रल डिविजन में 7-7 गोताखोरों को नियुक्त किया गया। इस टीम की मौजूदगी से प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्टीमर और नाव से यात्रा करने वाले यात्री खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2019 में आयोजित ‘जल तरंग कप’ प्रतियोगिता के दौरान कई कुशल गोताखोर सामने आए थे। उन्हीं में से चुने गए 24 प्रशिक्षित गोताखोरों को हाल ही में बैरकपुर कमिश्नरेट पुलिस में नियुक्त किया गया है, जो अब पूरी निष्ठा के साथ इस अभियान में अपनी सेवाएं देंगे। डीसी सेंट्रल इंद्रबदन झा ने गोरखनाथ दीक्षित के साहसिक कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने जो उदाहरण पेश किया है, वह पूरे बल के लिए प्रेरणादायक है। कमिश्नरेट पुलिस को पूरा भरोसा है कि उनकी विशेष डाइवर्स टीम इसी तरह समर्पण और जिम्मेदारी के साथ लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती रहेगी।