

प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को अंडाल रवाना होने से पहले केंद्र सरकार पर एलपीजी, वोटर सूची और चुनावी प्रबंधन को लेकर तीखा हमला बोला। तय कार्यक्रम के अनुसार वह विमान से कोलकाता से अंडाल के लिए रवाना हुईं और एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए कई अहम मुद्दे उठाये। एलपीजी आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बंगाल में उत्पादित गैस को राज्य से बाहर नहीं भेजा जाना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि चुनाव के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादलों के जरिए ऐसा किया जा सकता है।
ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि चुनाव ड्यूटी के लिए लगभग 10 लाख बाहरी कर्मी और जवान राज्य में आएंगे, लेकिन उनकी आपूर्ति के कारण बंगाल के लोगों को गैस संकट का सामना नहीं करना चाहिए। गैस की कीमतों में कमी को उन्होंने “चुनावी स्टंट” बताते हुए केंद्र पर निशाना साधा और कहा कि पहले कीमतें कई गुना बढ़ाई गईं, फिर मामूली कटौती कर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि गरीब और ग्रामीण परिवारों की सुविधा के लिए राशन प्रणाली के जरिए केरोसिन की आपूर्ति भी कुछ हद तक बढ़ाई गई है, ताकि गैस की संभावित कमी की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था बनी रहे।
वोटर सूची के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं, जो “गणतंत्र की हत्या” के समान है। उन्होंने दावा किया कि कई इलाकों में सैकड़ों नाम सूची से गायब कर दिए गए हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया। सीएम ने कहा कि किसी को भी लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार छीनने का हक नहीं है और एक दिन जनता इसका जवाब मांगेगी। प्रभावित लोगों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जिलों में ट्रिब्यूनल बनाकर मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगी, ताकि नाम दोबारा जोड़े जा सकें। इसके अलावा, हाल ही में खराब मौसम के बीच उनके विमान को हुई परेशानी पर भी उन्होंने पायलटों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ और प्रयास से विमान की सुरक्षित लैंडिंग संभव हो सकी।