गिरीश पार्क में 8 लाख की चांदी का गबन

पीड़ित ज्वेलरी व्यवसायी ने थाने में दर्ज करायी शिकायत
फाइल फोटो
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क़ोलकाता : महानगर में एक चाँदी के आभूषणों के थोक कारोबारी ने अपने कर्मचारी पर करीब 9.50 किलोग्राम चाँदी गबन करने का गंभीर आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता स्वरूप दत्ता ने इस संबंध में गिरीश पार्क थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

क्या है पूरा मामला

शिकायत के अनुसार, आरोपित कर्मचारी समीरन पांजा 23 अप्रैल 2024 को सेल्समैन के रूप में नियुक्त हुआ था। उसका काम कोलकाता के विभिन्न ज्वैलरी शो-रूमों में चाँदी के गहने बेचना, भुगतान संग्रह करना और हर सप्ताह हिसाब-किताब जमा करना था। शुरुआत में समीरन ने ईमानदारी से काम किया, जिससे दत्ता परिवार का उस पर भरोसा बढ़ गया। लेकिन शिकायत के मुताबिक, जुलाई 2025 से उसने ग्राहकों से मिले बड़े भुगतानों को जमा करना बंद कर दिया और केवल छोटी रकमें देकर हिसाब में गड़बड़ी छिपाता रहा। इसी दौरान अगस्त 2025 में स्वरूप दत्ता की तबीयत खराब हो गई और वे नियमित रूप से कार्यालय नहीं जा सके। इस अवधि में उनका बेटा सुमन दत्ता कारोबार संभाल रहा था। इसी स्थिति का फायदा उठाकर समीरन पांजा ने बिना पुराने हिसाब चुकाए अधिक मात्रा में चाँदी उठानी शुरू कर दी। 7 नवंबर 2025, शुक्रवार को स्टॉक और अकाउंट की जांच के दौरान पता चला कि उसके पास से लिए गए चाँदी के सामान का बड़ा हिस्सा गायब है और कई ग्राहकों के भुगतान जमा नहीं किए गए हैं। उसी दिन वह कार्यालय आया और दावा किया कि कुछ ग्राहकों का भुगतान अभी बाकी है तथा सोमवार या मंगलवार तक सभी बकाया चुकाने का वादा किया। लेकिन 10 नवंबर को उसने फोन कर बताया कि उसके पिता को पीजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जब दत्ता का बेटा अस्पताल पहुँचा, तो वह वहां नहीं मिला। इसके बाद से उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया। रिकॉर्ड मिलान के बाद दत्ता परिवार को करीब 9.50 किलोग्राम चाँदी का नुकसान सामने आया। शिकायतकर्ता ने कहा कि उन्होंने कई बार समीरन से संपर्क कर मामले को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। स्वरूप दत्ता ने पुलिस से अनुरोध किया है कि आरोपित के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने जांच में सहयोग के लिए सभी दस्तावेज और सबूत उपलब्ध कराने की बात कही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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