

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : ‘सावधान! ब्रिज है कमजोर, वाहन की गति रखें धीमी’। लोगों में यह जागरूकता संदेश देने के लिए ब्रिज पर लगा बोर्ड ही गायब हो गया। आखिर यह बोर्ड किसी दुर्घटना के कारण क्षतिग्रस्त हो गया या फिर किसी ने जानबूझकर इसे गायब कर दिया, इसका पता लगाने में रखरखाव करने वाले अधिकारी जुट गये हैं। साथ ही नये बाेर्ड लगाने का बंदोबस्त किया जा रहा है। यह मामला खिदिरपुर ब्रिज का है। इसका रखरखाव एचआरबीसी के अधीन है। इस बारे में एचआरबीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि सुरक्षा संकेत कैसे हटा है या फिर दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुआ है इसके बारे में पता लगाया जा रहा है। अभी तत्काल नया बोर्ड लगाया जायेगा। उल्लेखनीय है कि उससे आगे पीडब्ल्यूडी द्वारा लगाये गये साइन बोर्ड का स्ट्रक्चर मौजूद है मगर साइन बाेर्ड नहीं है।
क्या है मामला
ओल्ड खिदिरपुर ब्रिज जिसे मुंशीगंज ब्रिज या आयरन ब्रिज भी कहा जाता है। यह ब्रिज कमजोर है। इसे तोड़कर फिर से बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। जब तक आगे की प्रक्रिया शुरू नहीं हो रही है तब तक उसे ध्यान में रखते हुए ब्रिज के दोनों ओर कमजोर ब्रिज लिखे हुए बोर्ड लगाये गये। एक तरफ खिदिरपुर की तरफ से तथा दूसरी तरफ हेस्टिंग की तरफ। मगर हाल में देखा गया है कि हेस्टिंग की तरफ से लगा एक बोर्ड गायब हो गया है जबकि खिदिरपुर की तरफ से बोर्ड अब भी मौजूद है। अधिकारी ने बताया कि ब्रिज कमजोर है, ऐसे में बोर्ड लगाना जरूरी है क्योंकि वाहन की गति कितनी होगी वह भी उस बोर्ड में उल्लेख किया गया है। हमलोग दोबारा बोर्ड लगायेंगे। यहां से रोजाना भारी संख्या में वाहन गुजरते हैं। इकबालपुर, मोमिनपुर, बेहला या फिर डायमंड हार्बर की ओर जाना होता है तो वे इसी ब्रिज से होकर जाते हैं। वहीं उधर से मटियाब्रुज, बीएनआर, बाबू बाजार से गाड़ियां जिन्हें धर्मतल्ला, एसएसकेएम, मां फ्लाईओवर, बाबू घाट, हावड़ा व अन्य गंतव्य के लिए जाना है वे इसी ब्रिज से गुजरती हैं। ऐसे में यह ब्रिज काफी अहम है।
पुराने ब्रिज को तोड़कर नया ब्रिज बनेगा
खिदिरपुर के इस पुराने ब्रिज को तोड़कर नया ब्रिज बनाया जायेगा। कैनल के ऊपर स्थित खिदिरपुर ब्रिज का नया रूप कैसा होगा, यह अभी पूरी तरह तय नहीं हो पाया है। स्टील ब्रिज होगा या हैंगिंग केबल स्टे ब्रिज, इसे एक्सपर्ट की टीम चर्चा के बाद तय करेगी। जैसा कि पता है, हैंगिंग ब्रिज में खर्च अधिक आता है। सूत्रों का यह भी कहना है कि इस पर भविष्य को ध्यान में फैसला लिया जा सकता है।