

सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता सहित पश्चिम बंगाल के विभिन्न शहरों बर्दवान, दुर्गापुर, आसनसोल, सिलीगुड़ी, खड़गपुर, खरदह और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में 1076वां सिंधी नववर्ष ‘चैट्री चंड्र’ पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सिंधी समाज के लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों, शोभायात्राओं और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से अपने आराध्य देव का स्मरण किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन सिंधी समाज के इष्टदेव भगवान झूलेलाल (वरुण देवता के अवतार) के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इस शुभ अवसर पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सिंधी समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं। दक्षिण कोलकाता में सिंधी पंचायत के तत्वावधान में प्रकाश चन्द्र, माधव दास मदनानी के नेतृत्व में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। वहीं, न्यू अलीपुर स्थित संत कंवर राम सेवा मंडल भवन में संध्या के समय पारंपरिक नृत्य और संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान की आराधना की।
इस कार्यक्रम में सिंधी समाज के कई प्रमुख सदस्य एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सिंधी समाज के संरक्षक अशोक कुमार टहलानी, नवीन सोमानी, वासुदेव मुर्जचंदानी, अशोक अट्टलानी, वासुदेव चंगलानी, मोहन अंगनानी, अशोक कुमार टहलरमानी, विनीत खेम, नारायण दास बदलानी, अनिल बदलानी, दौलतराम जगवानी, ओमप्रकाश खत्री। इन लोगों ने सामूहिक रूप से इस पर्व की गरिमा को बढ़ाया। बर्दवान सिंधी पंचायत के प्रधान मनोहर लाल राजदेव ने इस अवसर पर समाज के लोगों को ‘जय झूलेलाल’ की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सिंधी भाषा भारतीय संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त भाषा है।