“लोगो मेरा, दावा दीदी का” - पेंटर सोमनाथ चौधुरी ने ममता बनर्जी पर लगाया आरोप

तृणमूल के ‘घासफूल’ लोगो पर नया बवाल
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कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस के चुनाव चिह्न ‘घासफूल’ को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। वरिष्ठ कलाकार सोमनाथ चौधुरी ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि तृणमूल कांग्रेस का प्रतीक चिह्न उन्होंने बनाया था, लेकिन बाद में इसे पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा अपना काम बताकर प्रस्तुत किया गया।

सूत्रों के अनुसार, सोमनाथ चौधुरी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के शुरुआती दौर में तत्कालीन कांग्रेस नेता समीर चक्रवर्ती के अनुरोध और वरिष्ठ नेता अजीत पांजा के निर्देश पर उन्होंने यह प्रतीक नि:शुल्क तैयार किया था। उनके अनुसार, यह डिजाइन पार्टी के गठन के समय उपयोग में लाया गया था।

कलाकार का कहना है कि बाद में एक इंटरव्यू देखने के बाद उन्हें यह जानकर गहरा आघात लगा कि ममता बनर्जी ने इस प्रतीक को अपने द्वारा बनाया गया बताया। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने इसे “बौद्धिक संपदा की चोरी” करार देते हुए कहा कि इस घटना से उन्हें मानसिक रूप से ठेस पहुंची।

चौधुरी का कहना है कि उन्होंने इस मुद्दे पर आपत्ति जताने की कोशिश की थी, लेकिन पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद उन्हें आगे इस विषय पर बात नहीं बढ़ाने की सलाह दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय तक डर और दबाव के कारण वे चुप रहे, लेकिन अब परिस्थितियां बदलने के बाद उन्होंने इस मामले को सार्वजनिक किया है।

इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। हालांकि इस आरोप पर अब तक तृणमूल कांग्रेस या ममता बनर्जी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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