अचानक रद्द हुई उड़ानों और तनाव के बीच कम हुई यात्रियों की संख्या

जल्द हो जाएंगीं उड़ान परिसेवाएं सामान्य
बैगेज हैंडलिंग सिस्टम के अचानक बंद होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा
बैगेज हैंडलिंग सिस्टम के अचानक बंद होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पिछले दिनों जारी भारत पाकिस्तान के बीच तनाव का व्यापक असर कोलकाता एयरपोर्ट पर देखने को मिला। अचानक 20 फीसदी तक यात्रियों की संख्या में गिरावट देखने को मिली। उल्लेखनीय है कि 32 एयरपोर्ट को 15 मई तक बंद कर दिया गया था। अब उम्मीद है कि सीजफायर के बाद जल्द ही सभी एयरपोर्ट खुल जाएंगे। कोलकाता एयरपोर्ट पर इन दिनों सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक दुरुस्त कर दिया गया है। कोलकाता में सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) तथा एयरपोर्ट कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जो कर्मचारी पहले से छुट्टी पर हैं, उन्हें तत्काल ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। शनिवार को भी यात्रियों को कड़ी सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा।

कोलकाता एयरपोर्ट पर यात्री संख्या में भारी कमी

सूत्रों के अनुसार, भारत-पाक तनाव को केन्द्र कर एयरपोर्ट पर यात्री संख्या में लगातार कमी देखी जा रही है। 9 मई को 163 घरेलू उड़ानें कोलकाता पहुंचीं, जिनमें कुल 26,618 यात्री थे। सामान्य दिनों में यह संख्या 40,000 से अधिक होती है। वहीं, उसी दिन कोलकाता से 164 घरेलू उड़ानें रवाना हुईं, जिनमें 24,978 यात्री थे। यह भी सामान्य दिनों की संख्या से काफी कम है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में भी यात्री संख्या घटी

9 मई को कोलकाता पहुंचने वाली 23 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में केवल 2,885 यात्री थे, जबकि कोलकाता से रवाना होने वाली 22 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में 3,404 यात्री थे। सूत्रों के अनुसार, सामान्य दिनों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में यात्री संख्या लगभग 6000-7000 के करीब होती है। गर्मी की छुट्टी में इस संख्या में इजाफा होता है लेकिन इस बार की इन छुट्टियों में इसके उलट यात्रियों की संख्या कम हो गयी है। इस बारे में एयरपोर्ट डायरेक्टर डॉ. प्रबत रंजन बेउरिया ने बताया कि तनाव की स्थिति के कारण ही यात्री यात्रा करने से बच रहे थे। एक मनोवैज्ञानिक प्रभाव रहता है। लोग डरते हैं बाहर जाने से लेकिन अब सीज फायर का घोषणा हो गयी है। अब आने वाले दिनों में फिर से लोग घुमने व अपने-अपने काम पर बाहर निकलेंगे और फिर से यात्रियों की संख्या में इजाफा होगा। पिछले पांच दिनों में कोलकाता हवाई अड्डे पर कुल फुटफॉल (यात्री आवागमन) लगभग 70,000 रहा। जानकारों का मानना है कि देश में तनावपूर्ण स्थिति और उड़ानों की संख्या में कमी के कारण यात्री आवागमन में यह गिरावट आई है।

उड़ानें रद्द व यात्रियों को सलाह

तनाव के कारण कोलकाता हवाई अड्डे पर 24 घंटे में 12 उड़ानें रद्द की गईं। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की जांच करें। हवाई अड्डा प्राधिकरण और एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम तीन घंटे पहले हवाई अड्डे पहुंचें ताकि चेक-इन और बोर्डिंग प्रक्रिया सुचारू रूप से हो सके। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और उड़ानों की संख्या में कमी के कारण यात्री संख्या में भारी गिरावट देखी गयी है। श्रीनगर, गाजियाबाद व अमृतसर समेत 4 स्थानों के लिए उड़ानें रद्द कर दी गयी थी। शनिवार को भी उड़ानें रद्द रहीं। अब जल्द ही उड़ान सेवाएं सामान्य होंगी।

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