पौराणिक कथाओं से आधुनिक नेतृत्व के गुर सीखने का संदेश

FICCI FLO कोलकाता द्वारा विशेष संवाद सत्र आयोजित
Kolkata
FICCI FLO कोलकाता
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कोलकाता :महिलाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्म-जागरूकता और निर्णय लेने की समझ विकसित करने के उद्देश्य से FICCI FLO कोलकाता द्वारा विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया।

अंतरराष्ट्रीय वक्ता, माइथोलॉजी इंटीग्रेटर, नाटककार एवं निर्देशक अतुल सत्य कौशिक ने रामायण और महाभारत के प्रसंगों के माध्यम से आधुनिक जीवन में नेतृत्व और रिश्तों की भूमिका पर विचार साझा किए।

कौशिक ने गार्गी, कैकेयी, द्रौपदी और कुंती जैसे पात्रों के उदाहरण देते हुए कहा कि नेतृत्व की शुरुआत स्वयं को समझने और अपने निर्णयों की जिम्मेदारी लेने से होती है। उन्होंने भावनात्मक समझ, आत्मसम्मान, सहानुभूति और सही समय पर निर्णय लेने को प्रभावी नेतृत्व की प्रमुख विशेषताएं बताया।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल सम्मानित किए जाने की नहीं, बल्कि उनकी बात सुने जाने और निर्णय प्रक्रिया में वास्तविक भागीदारी की आवश्यकता है। सत्र में भावनाओं को कमजोरी के बजाय ताकत में बदलने, रिश्तों में स्वस्थ सीमाएं तय करने तथा नई पीढ़ी को नेतृत्व के अवसर देने पर भी चर्चा हुई।

FICCI FLO कोलकाता की चेयरपर्सन मानसी अग्रवाल ने कहा कि प्राचीन कथाओं में आज के नेतृत्व के लिए भी महत्वपूर्ण सीख मौजूद है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व केवल पद हासिल करना नहीं, बल्कि अपनी बात रखने का आत्मविश्वास और दूसरों को आगे बढ़ाने की क्षमता भी है।

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