‘ग्रीन पूजा’ से ‘ग्रीन पाड़ा’ तक पहुंचेगा पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कोलकाता में अभियान शुरू
Kolkata
‘ग्रीन पूजा’ से ‘ग्रीन पाड़ा’
Published on: 

कोलकाता : दुर्गापूजा के दौरान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कोलकाता के पुराने ‘ग्रीन पूजा अवार्ड’ ने इस बार अपना दायरा बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। ‘ग्रीन पूजा से ग्रीन पाड़ा’ थीम के साथ इस पहल की शुरुआत सोमवार को पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्यालय में की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य के पर्यावरण एवं वन मंत्री मनोज कुमार ओरांव ने किया।

2007 में शुरू हुई थी पहल

पर्यावरण संगठन EnGIO ने वर्ष 2007 में ग्रीन पूजा अवार्ड की शुरुआत की थी। आयोजकों के अनुसार, यह सामुदायिक उत्सवों में पर्यावरण अनुकूल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने वाली भारत की सबसे पुरानी पहलों में से एक है। इसका उद्देश्य पूजा समितियों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।

अब पूरे मोहल्ले को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर जोर

मंत्री मनोज कुमार ओरांव ने कहा कि पूजा समितियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरक भूमिका निभानी चाहिए। उनका लक्ष्य त्योहार के बाद भी स्वच्छ और हरित मोहल्लों की दिशा में काम जारी रखना है। EnGIO की प्रमुख आयोजक सुजाता बसु ने भी कचरे का पृथक्करण, पुनर्चक्रण और प्रदूषण नियंत्रण जैसी गतिविधियों को पूरे वर्ष जारी रखने पर जोर दिया।

प्लास्टिक कचरे के पुनर्चक्रण पर विशेष ध्यान

इंडियन प्लास्टिक फेडरेशन भी ‘नो योर प्लास्टिक वेस्ट’ अभियान के जरिए लोगों को प्लास्टिक कचरे के सही प्रबंधन के प्रति जागरूक करेगा। फेडरेशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि प्लास्टिक कचरे को पुनर्चक्रित कर उससे आय अर्जित करने की संभावनाओं को भी सामने लाया जाएगा।

इस पहल के तहत पूजा समितियों को पर्यावरण अनुकूल सामग्री अपनाने, कचरा घटाने, ऊर्जा बचाने और ध्वनि प्रदूषण कम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। आयोजकों का उद्देश्य दुर्गापूजा को पर्यावरण संरक्षण के स्थायी जनआंदोलन से जोड़ना है।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in