आखिरकार खुल गया तृणमूल भवन का ताला, मगर...

मुख्यालय खोलने पर सियासत गर्म, नेता रहे नदारद
तृणमूल भवन, मेट्रोपॉलिटन
तृणमूल भवन, मेट्रोपॉलिटन
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कोलकाता : मेट्रोपॉलिटन स्थित तृणमूल भवन पर नियंत्रण को लेकर पार्टी के दो गुटों के बीच जारी संघर्ष शनिवार को भी थमता नजर नहीं आया। शुक्रवार को ऋतब्रत गुट द्वारा भवन पर लगाए गए ताले को शनिवार सुबह भवन मालिक के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में खोला गया। सूत्रों के अनुसार, ताला ऋतब्रत गुट से प्राप्त चाबी के माध्यम से ही खोला गया।

ताला खुलने के बाद भवन के तीसरे और चौथे तल को खोला गया, जहां मरम्मत कार्य के सिलसिले में भवन मालिक के प्रतिनिधि आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचे। इस दौरान किसी भी तरह के टकराव की स्थिति नहीं बनी और प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी हुई।

ऋतब्रत गुट के विधायक अखरुज्जमां ने दावा किया कि तृणमूल भवन के किराया समझौते पर पार्टी की ओर से हस्ताक्षर फिरहाद हकीम ने किए थे और चूंकि वह उनके गुट के साथ हैं, इसलिए भवन के उपयोग और संचालन को लेकर उनका निर्णय ही मान्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भवन के ऊपरी तल पर अब उनके गुट के सदस्य बैठेंगे।

हालांकि, दोनों गुटों के बीच दावों और जवाबी दावों के बावजूद शनिवार को कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने नहीं आया। तृणमूल भवन आने का संकेत देने के बावजूद न तो ऋतब्रत गुट का कोई प्रमुख नेता और न ही दूसरे गुट का कोई वरिष्ठ नेता कार्यालय पहुंचा। इससे दिनभर राजनीतिक हलकों में अटकलों का दौर जारी रहा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तृणमूल भवन पर नियंत्रण की लड़ाई अब केवल कार्यालय के कब्जे तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह पार्टी के भीतर नेतृत्व, संगठनात्मक वैधता और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई का प्रतीक बन चुकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विवाद और तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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