

कोलकाता : Knight Frank India की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, कोलकाता के आवासीय बाजार में जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान घरों की बिक्री 4% बढ़कर 13,022 यूनिट हो गई। पिछले वर्ष इसी अवधि में 12,464 यूनिट की बिक्री हुई थी। आठ प्रमुख भारतीय आवासीय बाजारों में कोलकाता ने बिक्री वृद्धि के मामले में दूसरा सबसे बेहतर प्रदर्शन किया।
इस अवधि में डेवलपर्स ने 11,503 नए आवासीय यूनिट लॉन्च किए, जो पिछले साल के 11,751 यूनिट की तुलना में 2% कम है। यानी नई आपूर्ति बिक्री से कम रही। इसके परिणामस्वरूप कोलकाता में बिना बिके मकानों की इन्वेंट्री सालाना आधार पर 10% घटकर करीब 18,100 यूनिट रह गई।
बिक्री में पूरे साल लगातार मजबूती देखने को मिली। पहली तिमाही में 4,043 यूनिट, दूसरी तिमाही में 4,325 यूनिट और तीसरी तिमाही में 4,654 यूनिट बिकीं। Q3 2026 की बिक्री पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 6% अधिक रही। वहीं, पहली तीन तिमाहियों में लॉन्च क्रमशः 3,475, 3,841 और 4,187 यूनिट रहे।
हालांकि लग्जरी और अल्ट्रा-लग्जरी श्रेणियों में बिक्री की मात्रा अभी अपेक्षाकृत छोटे आधार से बढ़ रही है, लेकिन इन सेगमेंट में साल-दर-साल हुई तेज वृद्धि उत्साहजनक है। यह कोलकाता में एक मजबूत लग्जरी आवासीय बाजार के धीरे-धीरे उभरने का संकेत देती है। कुल मिलाकर, बिक्री के बदलते रुझान से पता चलता है कि घर खरीदारों की सोच भी बदल रही है। अब वे घर खरीदने का फैसला लेते समय गुणवत्ता, जीवनशैली और दीर्घकालिक मूल्य को पहले की तुलना में अधिक महत्व दे रहे हैं।
” मर्लिन ग्रुप के प्रबंध निदेशक साकेत मोहता ने कहा
रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता में खरीदारों की मांग अब मिड और हायर-टिकट घरों की ओर बढ़ रही है। 50 लाख से 1 करोड़ रुपये कीमत वाले घरों की बिक्री 11% बढ़कर 4,693 यूनिट हो गई। यह कुल बिक्री का 36% है। वहीं, 1–2 करोड़ रुपये कीमत वाले घरों की बिक्री 6% बढ़कर 1,970 यूनिट रही।
दोनों सेगमेंट को मिलाकर 6,663 यूनिट की बिक्री हुई, जो कुल बिक्री का आधे से अधिक है। हालांकि, 50 लाख रुपये से कम कीमत वाले घर अभी भी सबसे बड़ा सेगमेंट रहे। इस श्रेणी में 4,996 यूनिट बिकीं, जो कुल बिक्री का 38% है।
महंगे घरों की बिक्री में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई। 5–10 करोड़ रुपये वाले घरों की बिक्री 285% बढ़ी, जबकि 10–20 करोड़ रुपये वाले सेगमेंट में 7,200% की वृद्धि हुई। हालांकि, इन दोनों श्रेणियों का आधार छोटा होने के कारण प्रतिशत वृद्धि को सावधानी से देखने की जरूरत है।
Q3 2026 में कोलकाता में आवासीय संपत्तियों की भारित औसत कीमत 4.2% बढ़कर 5,961 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई। यह वृद्धि 4.8% की उपभोक्ता महंगाई दर से कम है। इससे कोलकाता देश के प्रमुख आवासीय बाजारों में अपेक्षाकृत किफायती बना हुआ है।
कोलकाता का Quarters to Sell (QTS) घटकर Q3 2026 में 4.3 तिमाही रह गया, जो एक साल पहले 4.7 तिमाही था। यह देश के आठ प्रमुख बाजारों में सबसे कम है, जबकि आठ शहरों का औसत 6.1 तिमाही है। कम QTS का मतलब है कि उपलब्ध इन्वेंट्री अपेक्षाकृत तेजी से बिक रही है।
Knight Frank India के वरिष्ठ निदेशक जॉयदीप पॉल के अनुसार, बिक्री में निरंतर वृद्धि, नियंत्रित नई आपूर्ति, घटती इन्वेंट्री और महंगाई से कम कीमत वृद्धि के कारण कोलकाता का आवासीय बाजार मजबूत स्थिति में है। आगामी त्योहारी सीजन में भी बाजार के सकारात्मक बने रहने की उम्मीद है।