

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान वामपंथी दलों के पुस्तक स्टॉलों पर हुई तोड़फोड़ और हमलों के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) ने काली पूजा के अवसर पर अपनी गतिविधियां बढ़ाने का फैसला किया है। पार्टी ने कोलकाता में काली पूजा के पंडालों के आसपास लगाए जाने वाले पुस्तक स्टॉलों की संख्या पिछले साल के आठ से बढ़ाकर इस बार 14 कर दी है।
CPM नेताओं का कहना है कि दुर्गा पूजा के दौरान पुस्तक स्टॉलों पर हुए हमलों के बाद आम लोगों के विभिन्न वर्गों से उन्हें समर्थन मिला है। इसी उत्साह के कारण इस बार स्टॉलों की संख्या बढ़ाई गई है। जानकारी के अनुसार वरिष्ठ वामपंथी नेता बिमान बोस ने शुक्रवार शाम अमहर्स्ट स्ट्रीट पर एक पुस्तक स्टॉल का उद्घाटन किया। इस बार नए पुस्तक स्टॉल बालीगंज टेंटुलबागान और बेहाला सिलपाड़ा जैसे इलाकों में भी लगाए गए हैं।
CPM के वरिष्ठ नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि पूरे बंगाल में पार्टी कार्यकर्ता इस बार पहले से अधिक पुस्तक स्टॉल लगा रहे हैं। उनके मुताबिक, दुर्गा पूजा के दौरान पुस्तक स्टॉलों पर हमलों की समाज के अलग-अलग वर्गों ने निंदा की थी।
इससे स्पष्ट हुआ कि इस तरह की घटनाओं को राज्य के लोग स्वीकार नहीं करते। सुजन चक्रवर्ती ने बताया कि इस वर्ष दुर्गा पूजा के दौरान पूरे पश्चिम बंगाल में CPM ने 1,106 पुस्तक स्टॉल लगाए थे, जबकि पिछले साल इनकी संख्या 1,010 थी।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस बार दुर्गा पूजा के दौरान पार्टी ने कुल 1.53 करोड़ रुपये की किताबें बेचीं, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 90 लाख रुपये था।
अमहर्स्ट स्ट्रीट से बालीगंज और बेहाला तक पुस्तक स्टॉल, दो से तीन दिन तक होगी बिक्री
काली पूजा के दौरान लगाए जाने वाले पुस्तक स्टॉल आकार में अपेक्षाकृत छोटे होंगे। अधिकतर स्टॉल लगभग 10×5 फीट के होंगे। इन्हें पूजा से एक-दो दिन पहले लगाया जाएगा और पूजा के एक-दो दिन बाद तक संचालित किया जाएगा।
यानी प्रत्येक स्टॉल लगभग दो से तीन दिनों तक खुला रहेगा। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, पिछले साल काली पूजा के दौरान लगाए गए आठ पुस्तक स्टॉलों से करीब 50 हजार रुपये की किताबों की बिक्री हुई थी। इस बार स्टॉलों की संख्या बढ़ने से बिक्री में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
इतिहास, सामाजिक मुद्दों और मार्क्सवादी विचारधारा की किताबें होंगी उपलब्ध
CPM के इन पुस्तक स्टॉलों पर केवल राजनीतिक साहित्य ही नहीं, बल्कि कई अन्य विषयों की किताबें भी उपलब्ध रहेंगी। इनमें इतिहास, सामाजिक मुद्दे, यात्रा साहित्य, मार्क्सवादी विचारधारा और बच्चों के लिए साहित्य प्रमुख रूप से शामिल होंगे।
पार्टी का उद्देश्य काली पूजा के दौरान भी आम लोगों तक किताबें और साहित्य पहुंचाना है। दुर्गा पूजा के दौरान पुस्तक स्टॉलों पर हुई घटनाओं के बाद इस बार काली पूजा में स्टॉलों की संख्या बढ़ाना CPM की सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।