

कोलकाता : भवानीपुर की शांत गलियों में स्थित मन्मथनाथ नंदन बॉयज एंड गर्ल्स स्कूल इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दशकों पुराना यह साधारण सरकारी प्राथमिक विद्यालय 29 अप्रैल के मतदान के लिए एक महत्वपूर्ण पोलिंग बूथ में तब्दील हो चुका है।
8B कुंडू रोड पर स्थित इस स्कूल का महत्व सिर्फ एक मतदान केंद्र होने तक सीमित नहीं है। यह वही जगह है, जहां कभी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने संघर्ष के दिनों में बच्चों को पढ़ाया था। उन्होंने स्वयं बताया था कि कॉलेज के समय उन्हें यहां पढ़ाने के लिए मात्र 60 रुपये मिलते थे, जिसे वे अपनी मां को दे देती थीं।
इस बार वार्ड 71 के तीन बूथ 125, 126 और 137 के करीब 3000 मतदाता यहां अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। स्कूल परिसर को सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मतदान के लिए पूरी तरह तैयार किया गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस स्कूल का हालिया नवीनीकरण और मुख्यमंत्री से इसका जुड़ाव इसे एक अलग पहचान देता है।
एक निवासी ने कहा, “यह सिर्फ स्कूल नहीं रहा, अब यह इतिहास का हिस्सा बन गया है।” कुछ लोग इसे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय मानते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि इसके बढ़ते राजनीतिक महत्व ने इसकी सामान्य शैक्षणिक पहचान को भी बदल दिया है। यहां तैनात एक सुरक्षाकर्मी ने कहा, “हमारे लिए यह सिर्फ ड्यूटी नहीं, एक खास अनुभव है। जिस जगह से एक मुख्यमंत्री ने अपने करियर की शुरुआत की, वहां ड्यूटी करना गर्व की बात है।”
एक अन्य जवान ने बताया कि स्कूल की सादगी और इतिहास को देखकर उन्हें यह एहसास होता है कि बड़े बदलाव अक्सर साधारण जगहों से ही शुरू होते हैं। हालांकि मुख्यमंत्री और उनका परिवार अपना वोट मित्रा इंस्टीट्यूशन में डालेंगे, लेकिन यह स्कूल इस चुनाव में एक भावनात्मक और ऐतिहासिक केंद्र बनकर उभरा है जहां लोकतंत्र, स्मृतियां और स्थानीय भावना एक साथ जीवंत हो रही हैं।