ISI बिल के विरोध में शिक्षक-छात्रों का प्रदर्शन

संस्थागत स्वायत्तता पर खतरे का आरोप
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प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : भारतीय सांख्यिकी संस्थान (आईएसआई) में सोमवार को लगभग 200 शिक्षक, छात्र और कर्मचारियों ने भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 के विरोध में प्रदर्शन किया।

संसद में केंद्रीय सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री द्वारा विधेयक पेश किए जाने के कुछ ही घंटों बाद संस्थान के आर.ए. फिशर भवन के सामने विरोध सभा आयोजित की गई।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि संस्थान के शिक्षकों, छात्रों और कर्मचारियों से बिना किसी सार्थक परामर्श के यह विधेयक लाया गया है।

सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने बी.टी. रोड पर रैली निकाली और विधेयक के विरोध में नारे लगाए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नया विधेयक आईएसआई की अकादमिक एवं संस्थागत स्वायत्तता को कमजोर कर नौकरशाही का हस्तक्षेप बढ़ा सकता है।

उनका कहना था कि चौथी समीक्षा समिति ने नया कानून बनाने की नहीं, बल्कि मौजूदा आईएसआई अधिनियम में केवल दो संशोधनों की सिफारिश की थी।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आशंका जताई कि नए कानून से संस्थान का कोलकाता से ऐतिहासिक संबंध कमजोर हो सकता है तथा मुख्यालय के भविष्य पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा हो सकता है।

साथ ही ट्यूशन फीस-मुक्त शिक्षा और छात्रवृत्ति व्यवस्था पर भी खतरा मंडराने की आशंका व्यक्त की गई। प्रदर्शनकारियों ने व्यापक परामर्श के बाद ही विधेयक पर आगे बढ़ने की मांग की।

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