

राम बालक, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : तारातला की घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय निवासी सद्दाम कुरैशी तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने कई साथियों के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उन्होंने जोखिम उठाते हुए परिसर के अंदर प्रवेश किया और वहां फंसे कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी तत्परता और साहस के कारण कई लोगों की जानें बचाई जा सकीं। सद्दाम ने बताया कि जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, वे बिना देर किए घटनास्थल पर पहुंच गए। परिसर के अंदर प्रवेश करने पर उन्होंने जो दृश्य देखा, वह बेहद भयावह था। चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल था और लोग मदद के लिए पुकार रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर घायलों और फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। इस दौरान उनका हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया। सद्दाम ने कहा कि उस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और उन्हें जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था। उन्होंने सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि इस कठिन समय में सभी को एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए। वहीं, घटनास्थल के पास दुकान चलाने वाले विकास ने बताया कि हादसे का मंजर बेहद डरावना था। घटना के समय तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। उन्होंने कहा कि ऐसा दृश्य उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। आसपास के लोग घबराकर अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए थे। स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य में जुटे सभी लोगों की सराहना की है। प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।