ऋतब्रत खेमे में शामिल हुए तापस चटर्जी व विश्वजीत दास

दोनों नेताओं ने लगाया व्यक्ति केंद्रित राजनीति का आरोप
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कोलकाता : 21 जुलाई शहीद दिवस से पहले कालीघाट खेमे को शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक झटका लगा। राजारहाट-न्यूटाउन के पूर्व विधायक तापस चटर्जी और बनगांव के पूर्व विधायक व पूर्व संगठनात्मक जिला अध्यक्ष विश्वजीत दास विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी से मुलाकात कर उनके खेमे में शामिल हो गए।

दोनों नेताओं ने पार्टी में उपेक्षा, संवादहीनता और व्यक्तिकेंद्रित राजनीति का आरोप लगाते हुए अपना पक्ष रखा। करीब 49 वर्षों के राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए तापस चटर्जी ने कहा कि उन्होंने पंचायत सदस्य से लेकर विधायक तक हर जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सम्मान नहीं मिला।

उनके अनुसार जहां सामूहिक निर्णय की जगह व्यक्तिकेंद्रित राजनीति हावी हो जाए, वहां संगठन का भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता। वहीं, विश्वजीत दास ने कहा कि विधानसभा में ऋतब्रत बनर्जी ही उनके नेता हैं। उन्होंने ममता बनर्जी के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक पहचान उन्हीं की बदौलत मिली।

हालांकि, चुनाव के बाद संगठन में बढ़ी संवादहीनता तथा शीर्ष नेतृत्व, विशेषकर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के व्यवहार को लेकर उन्होंने नाराजगी भी जाहिर की।

यह व्यक्ति विशेष नहीं, सामूहिक नेतृत्व की लड़ाई है

दोनों नेताओं का स्वागत करते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि उनका खेमा व्यक्ति-पूजा नहीं, बल्कि सामूहिक नेतृत्व, संगठनात्मक लोकतंत्र और कार्यकर्ताओं के सम्मान की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि दोनों नेताओं की नई जिम्मेदारियों पर जल्द फैसला लिया जाएगा।

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