

कोलकाता : फिल्म और टेलीविजन तकनीशियनों से कोविड डोनेशन के नाम पर कथित रूप से अवैध रूप से जुटाए गए धन के दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि फेडरेशन ऑफ सिने टेक्नीशियंस एंड वर्कर्स ऑफ ईस्टर्न इंडिया के तत्कालीन अध्यक्ष स्वरूप बिस्वास द्वारा वर्ष 2020 में लगभग 1.30 करोड़ रुपये एकत्र किए गए थे, जिनमें से बड़ी राशि के गबन और वित्तीय अनियमितताओं की आशंका जताई गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच के दौरान फेडरेशन की मिनट बुक और बैंक स्टेटमेंट्स की गहन जांच के साथ ही फेडरेशन के चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) से भी पूछताछ की गई। जांच में सामने आया कि कोविड डोनेशन के नाम पर तकनीशियनों से यह राशि कथित तौर पर निर्देशों के तहत वसूली गई थी। अधिकारियों ने अदालत को बताया कि रिकॉर्ड के अनुसार 1.3 करोड़ रुपये में से 74 लाख रुपये के वितरण का दावा किया गया है, हालांकि इस वितरण से जुड़े किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। पुलिस का कहना है कि ऑडिट रिपोर्ट में कई संदिग्ध लेन-देन पाए गए हैं, जिनकी विस्तृत जांच जारी है। जांचकर्ताओं के अनुसार, सीए भी कथित रूप से इन नकद लेन-देन से संबंधित कोई संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पुलिस को संदेह है कि कोविड राहत के नाम पर एकत्र की गई राशि का एक बड़े हिस्से का कथित तौर पर गबन कर लिया गया। अदालत में सरकारी पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिनमें यह सामने आया है कि फेडरेशन के सदस्यों से दबाव बनाकर धन एकत्र किया गया था। आरोप है कि यह राशि तत्कालीन अध्यक्ष स्वरूप बिस्वास के निर्देश पर जुटाई गई थी। पुलिस ने यह भी बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी लगातार जांच को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।