

कोलकाता : आनंदपुर इलाके में हॉकरों और दुकानदारों से करीब 3 करोड़ रुपये की वसूली के आरोपित केएमसी के वार्ड नंबर 108 से तृणमूल पार्षद सुशांत घोष पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए हैं। शुक्रवार को उन्हें बंगाल-ओडिशा सीमा पर देखा गया था, लेकिन पुलिस के शिकंजा कसने से पहले ही वे अपनी कार छोड़कर भाग निकले। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए बेलदा-ओडिशा सीमा क्षेत्र से उनके ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त का नाम सुजीत कुमार चौधरी है।
फोन बंद कर फरार हुए पार्षद
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपित पार्षद सुशांत घोष का मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा है और उनसे संपर्क करने के सभी प्रयास विफल रहे हैं। राज्य में हालिया राजनीतिक बदलाव के बाद घोष ने बोरो 12 के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। पुलिस का कहना है कि वे गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गए हैं। पार्षद और उनके करीब सात सहयोगियों पर आनंदपुर थाना क्षेत्र के तहत रूबी अस्पताल के पास स्थित एक मार्केट में अवैध वसूली का गंभीर आरोप है। फेरीवालों की कमेटी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, साल 2022 और 2023 के बीच टिन की छत और शटर वाली कई नयी दुकानें बनाई गईं। व्यापारियों को डराकर कहा गया कि एक विशेष समूह ही यह तय करेगा कि किसे कौन सी दुकान मिलेगी। दुकानों के आकार और उनकी लोकेशन के आधार पर 'रेट' तय किए गए थे। आरोप है कि कई दुकानें 6-6 लाख रुपये में बेची गईं, जिससे कुल मिलाकर करीब 3 करोड़ रुपये की अवैध उगाही की गई।