

कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि 'सरप्लस' (अधिशेष) शिक्षक के रूप में दूसरे स्कूल में स्थानांतरित किए जाने के बाद भी शिक्षकों का अपनी पसंद के स्थान पर तबादला कराने का अधिकार समाप्त नहीं होगा। विकास भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन ने यह जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि जिन प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की संख्या कम है या शिक्षकों की संख्या आवश्यकता से अधिक है, वहां से अधिशेष शिक्षकों का तबादला उन स्कूलों में किया जाएगा, जहां शिक्षकों की कमी है। इस प्रक्रिया में अपेक्षाकृत कम आयु के शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि यह निर्णय उनकी शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखकर लिया गया है। दीपक बर्मन ने कहा कि अधिशेष शिक्षक के रूप में स्थानांतरित होने के बाद भी संबंधित शिक्षक सामान्य तबादले के लिए दोबारा आवेदन कर सकेंगे। यदि वे निर्धारित सभी नियमों और शर्तों को पूरा करते हैं, तो उन्हें अपनी पसंद के स्थान पर पुनः तबादले का अवसर मिलेगा।
मंत्री ने यह भी बताया कि जो शिक्षक वर्तमान में दूसरे जिलों में कार्यरत हैं, उन्हें भविष्य में उनके गृह जिले में वापस भेजने की संभावना पर भी सरकार विचार कर रही है। गौरतलब है कि विधानसभा के पिछले सत्र में मंत्री ने कहा था कि केवल उन्हीं प्राथमिक विद्यालयों से अधिशेष शिक्षकों का तबादला किया जाएगा, जहां स्वीकृत शिक्षक पदों का कम-से-कम 70 प्रतिशत भरा हुआ है।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य राज्य के सभी स्कूलों में शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करना है।