

कोलकाता : महंगाई, चीनी एवं दूध की बढ़ती कीमतों और एलपीजी की किल्लत के बावजूद इस वर्ष दुर्गापूजा और लक्ष्मीपूजा के दौरान कोलकाता में मिठाइयों की बिक्री में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मिठाई कारोबारियों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बिक्री लगभग 25 प्रतिशत अधिक रही। हालांकि, उत्पादन लागत बढ़ने के कारण कारोबारियों के मुनाफे का अंतर कम हुआ है।
त्योहारों से पहले ही चीनी और गैस की कीमतों में वृद्धि से कारोबारियों की चिंता बढ़ गई थी। इसके अलावा पिछले महीने कोलकाता नगर निगम की ओर से कुछ खाद्य प्रतिष्ठानों को जारी किए गए निलंबन नोटिसों के कारण भी कारोबार प्रभावित होने की आशंका थी। इसके बावजूद दुकानदारों ने उचित कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण मिठाइयां उपलब्ध कराने का प्रयास किया।
त्योहारी सीजन में पारंपरिक बंगाली मिठाइयों का आकर्षण कायम रहा। रसगुल्ला और संदेश ग्राहकों की पसंद में सबसे आगे रहे। विशेष रूप से लक्ष्मीपूजा के दौरान मिठाइयों की बिक्री में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। बड़ाबाजार और मध्य कोलकाता सहित विभिन्न इलाकों की प्रसिद्ध मिठाई दुकानों में ग्राहकों की अच्छी भीड़ रही।
बउ बाजार के निर्मल चंद्र स्ट्रीट स्थित भीमचंद्र ना की दुकान में संदेश की विभिन्न किस्मों की सर्वाधिक मांग रही। वहीं बेहाला के डायमंड हार्बर रोड स्थित पन्ना स्वीट्स का कारोबार इस बार पिछले साल से बेहतर रहा। आसपास के कई इलाकों से ग्राहक दुकान पहुंचे। पूजा के दिनों में लंबी कतारें लगी रहीं और ग्राहकों की मांग को देखते हुए दुकान देर रात तक खुली रखनी पड़ी।
कारोबारियों का मानना है कि ग्राहकों का उत्साह मिठाई बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन बढ़ती उत्पादन लागत और एलपीजी की अनियमित आपूर्ति के बीच उचित कीमतों पर मिठाइयां उपलब्ध कराना अब भी बड़ी चुनौती है।