सुप्रीम कोर्ट में याचिका की खामियों पर घिरा कालीघाट खेमा
शोभनदेव की याचिका में नाम की गलती समेत कई तकनीकी खामियां
ऋतब्रत का तंज—‘सोहनदेव चट्टोपाध्याय’ कौन हैं?
प्रसेनजीत, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता :
विधानसभा में विपक्ष के नेता के चुनाव को लेकर तृणमूल के दोनों खेमों की लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। स्पीकर के फैसले को चुनौती देते हुए ममतापंथी तृणमूल के वरिष्ठ विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की है। हालांकि, याचिका दाखिल होते ही उसमें कई तकनीकी खामियां सामने आ गईं।
सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार, याचिका फिलहाल ‘डिफेक्ट लिस्ट’ में है और खामियां दूर करने के लिए 90 दिनों का समय दिया गया है। दस्तावेज में शोभनदेव के नाम की वर्तनी गलत होने, पृष्ठ संख्या में गड़बड़ी, शीर्षक और सामग्री में असंगति तथा दो पन्ने गायब होने की बात कही गई है। कुछ संलग्न दस्तावेजों की स्पष्ट प्रतियां भी जमा करने को कहा गया है। स्टांप के कारण कुछ हिस्सों का मूल पाठ पढ़ने में परेशानी होने की बात भी दर्ज है।
ऋतब्रत बनर्जी ने तंज कसते हुए कहा, “कल रात देखा कि एसएलपी डिफेक्ट लिस्ट में चली गई। ‘सोहनदेव चट्टोपाध्याय’ कौन हैं, यह पता नहीं। इसमें कई त्रुटियां हैं।” उन्होंने कहा कि याचिका का ड्राफ्ट बेहद लापरवाही से तैयार किया गया है और संबंधित लोगों को पहले ठीक से अध्ययन करना चाहिए।
वहीं, शोभनदेव ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, “ऐसा बिलकुल भी नहीं होना चाहिए। मैंने याचिका पर अपने नाम से हस्ताक्षर किये हैं। इस संबंध में वकील से बात करूंगा।”

