

रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता
दक्षिण 24 परगना : सुंदरबन के चामटा जंगल में बाघ के हमले में एक मछुआरे की मौत से इलाके में शोक की लहर है। मृतक की पहचान गोपाल ढाली (35) के रूप में हुई है। वह झड़खाली कोस्टल थाना क्षेत्र के त्रिदीबनगर के निवासी था। परिवार में पत्नी और एक छोटा बच्चा है। घटना की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। ग्रामीणों के अनुसार, रविवार को गोपाल दो साथियों के साथ केकड़ा पकड़ने जंगल गए थे। जीविका के लिए उन्हें अक्सर सुंदरबन के गहरे जंगलों में जाना पड़ता था। सोमवार की सुबह चामटा क्षेत्र में काम के दौरान अचानक एक बाघ ने उन पर हमला कर दिया। उनके साथियों ने शोर मचाया और लाठियों से प्रतिरोध करते हुए किसी तरह गोपाल को बाघ के चंगुल से छुड़ाया। हालांकि, गोपाल गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। साथी उन्हें तुरंत जंगल से बाहर लेकर आए, लेकिन उनकी हालत अत्यंत नाजुक थी। इलाज शुरू होने से पहले ही उनकी मौत हो गई। मंगलवार सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस घटना ने एक बार फिर सुंदरबन क्षेत्र में मछुआरों और केकड़ा पकड़ने वाले श्रमिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले भी सुंदरबन कोस्टल थाना क्षेत्र के छोटा मोल्लाखाली के 9 नंबर कालिदासपुर गांव के एक अन्य मछुआरे की बाघ के हमले में जान चली गई थी। वह भी दो पड़ोसियों के साथ केकड़ा पकड़ने जंगल गए थे।